आजमगढ निजामाबाद तहसील क्षेत्र के बड़ागाँव शिवमंदिर पर चल रही श्री राम कथा के दसवें दिन बाबा जगदीसा चार्य जी महा राज ने बहुत ही मार्मिक ढंग से जटायु और रावण के युद्ध का वर्णन किया उन्होंने बताया कि जब रावण आकाश मार्ग से सीता जी का हरण कर जा रहा था और सीता विलाप कर मदद कि गुहार कर रही थी उसी गिद्ध राज जटायु को सीता जी आवाज सुनाई दी तो वह नारी का विलाप सुनकर तुरंत रावण को रोकने लगा रावण से कहा कि अगर मेरी ज्यादा नहीं होती तो एक कदम भी आगे नही जाने यह कह कर युद्ध किया बाबा और पंख कटने के बाद ही रावण आगे जा पाया अंतिम समय में राम को सारी बातें बताई तो प्रभु ने सीधे उसे बैकुंठ भेज दिया आरती दुर्गेश चन्द्र मिश्र ने किया इस अवसर पर करुणा सागर जी महाराज ओम प्रकाश मिश्र पंकज द्विवेदी वीरेन्द्र नाथ मिश्र सुरेन्द्र चौहान पूर्व प्रधान रंजीत चौहान राजेश चौहान जितेन्द्र उपाध्याय हरिकेश तिवारी दीपक कुमार सुरजन राम सदानंद मिश्र राजेन्द्र विश्वकर्मा मिठाई लाल गौड़ राधेश्याम प्रजापति बहादुर चौहान आदि लोग उपस्थित थे
बड़ागाँव शिवमन्दिर पर श्री राम कथा में बाबा ने रावण जटायु युद्ध का वर्णन किया
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