जलालपुर अम्बेडकर नगर :- राष्ट्रीय तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम के अंतर्गत बैठक का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर में डॉ जावेद आलम के अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ जावेद आलम ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में धूम्रपान से गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे बच्चे में विकार उतपन्न हो जाते है। तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 की धारा 4 के अन्तर्गत सभी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को प्रतिबंधित किया गया है। धारा 6 के अन्तर्गत सभी शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में, नाबालिगों द्वारा तम्बाकू के क्रय तथा विक्रय पर प्रतिबंध है। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने बताया कि तम्बाकू छोड़ने के लिए ज़िला चिकित्सालय में कार्यक्रम अंतर्गत संचालित तंबाकू उन्मूलन केंद्र कक्ष संख्या 31 में सम्पर्क कर सकते है। तम्बाकू छोड़ने हेतु टोल फ्री नंबर 1800112356 है जिससे तंबाकू छोड़ने सम्बंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। डॉ सर्वेश कुमार गुप्ता ने कहा कि तंबाकू शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया कि समाज में तंबाकू का सेवन पुरुषों के साथ महिलाएं भी बहुत अधिक मात्रा में कर रही हैं। इसके परिणाम बहुत ही गंभीर हैं, तंबाकू का धुआं लोगों के लिए हानिकारक है। तंबाकू नियंत्रण कानून के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूमपान करने, खुलेआम तंबाकू से संबंधित सामग्री बेचने पर कार्रवाई की जाती है। इसके तहत दो सौ रुपये से दस हज़ार रुपये तक जुर्माना और पांच साल कैद की सजा तक का प्राविधान है! कार्यक्रम में डॉ विजय प्रकाश,डॉ राकेश,संजीव कुमार,आशिफ,मनोज,अय्यूब, पुजारी, गुलाब आदि मौजूद रहे।
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने व इससे सम्बन्धित खुलेआम सामग्री बेचने पर राष्ट्रीय तम्बाकू नियन्त्रण क़ानून के तहत हो सकती है जेल
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