भरवारी नगर का जाम बना लाइलाज घंटों जाम में फंसे लोग हो जाते हैं व्याकुल यातायात पुलिस बनी रहती है तमाशबीन

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भरवारी कौशाम्बी जिले के सबसे व्यस्त कस्बा भरवारी नगर में सड़क जाम की समस्या लाइलाज बन चुकी है जिसका खामियाजा नगर वासियों के साथ साथ बाहरी लोगों को भी झेलना पड़ रहा है

बार-बार लोगों ने जाम के झाम से निजात दिलाने की मांग प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि से की जिस पर गौरा रोड का वनवे कर दिया गया और जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस और होमगार्ड की ड्यूटी भी रेलवे फाटक पर लगाई गई लेकिन यातायात पुलिस और ड्यूटी पर लगे होमगार्ड के जवान विक्रम टेंपो अप्पे बस आदि वाहनों से अवैध वसूली तक सीमित है जिससे भरवारी कस्बे का जाम लाइलाज बन चुका है और इस जाम के चलते जहां जनता परेशान हो रही है वही जाम का खामियाजा बीमार वृद्धजन भी उठा रहे हैं यदि भरवारी कस्बे के इस जाम में किसी बीमार व्यक्ति का वाहन फंस गया तो उसका अस्पताल पहुंचना संभव होगा या नहीं यह भगवान भरोसे पर हो जाता है

पूर्व जिलाधिकारी ने भरवारी कस्बे के गौरा रोड को वनवे घोषित कर दिया था लेकिन यातायात पुलिस पूर्व जिलाधिकारी के आदेश का पालन नहीं करा पा रही है जो जाम का प्रमुख कारण है वही भरवारी रेलवे के अधिकारियों ने भी इस जाम को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है रेलवे लाइन पर लगे फाटक को रेलवे अधिकारियों ने नीचे कर दिया है

पहले इस फाटक से बाइक साइकिल वाले फाटक के नीचे से झुक कर निकल जाते थे जिससे जाम कम लगता था लेकिन फाटक को नीचे कर दिए जाने के बाद अब बाइक और साइकिल वालों को फाटक से निकलने में दिक्कत होती है जिससे वह भी बंद फाटक पर खड़े हो जाते हैं वही रेलवे फाटक के दोनों तरफ विक्रम टेंपो बस ट्रके खड़ी हो जाती है जिससे जाम बढ़ जाता है

वही रेलवे फाटक के आसपास विक्रम टेंपो प्राइवेट बस वाले वाहनों को खड़ी कर सवारियां भरते हैं जिससे रेलवे फाटक खुलने के बाद भी जाम में फंसे वाहनों को निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल पाता है और फाटक खुलने के बाद 20 मीटर का रेलवे फाटक पार करने में घण्टो का समय लग जाता है एक तरफ रेलवे अधिकारियों की लापरवाही दूसरी तरफ यातायात पुलिस की घोर लापरवाही जाम का कारण बन चुकी है नगर वासियों ने भरवारी कस्बे के जाम को समाप्त करने के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की है लेकिन आम जनता की आवाज पर कार्यवाही नहीं की गई है जिससे जाम की समस्या लाइलाज बनी हुई है
रिपोर्ट मोहन लाल गौतम ब्यूरो चीफ कौशाम्बी

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