राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने किसान बिल के विरोध में जिला मुख्यालय कौशाम्बी में किया रैली प्रदर्शन

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जिला मुख्यालय मंझनपुर डायट मैदान में राष्ट्रीय किसान मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता इक्कठा हुए और किसान विरोधी कानून के विरोध में रैली प्रदर्शन किया।
जिला अध्यक्ष श्री नाथ मौर्य ने बताया कि किसान विरोधी कानून के विरोध में संयुक्त किसान मजदूर मोर्चा के माध्यम से दिल्ली सिंघू बॉर्डर, शाहजहां पुर बॉर्डर एवं ओम गाजीपुर बॉर्डर पर किसान विरोधी कानून को वापस लिए जाने के लिए आंदोलन चल रहा है । और ये भी कहा कि ये काले कानून पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए पारित किए गए है आवश्यक वस्तु अधिनियम 2020 के माध्यम से सरकार पूंजीपतियों के अनाजों की जमाखोरी करने की खुली छूट दे रही है। इससे भारतीय खाद्य निगम बंद करने की साजिश है । यदि भारतीय खाद्य निगम बंद हो गया तो देश भर के गांव में कोटे की दुकान बंद हो जाएगी जिससे गरीब और मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को निस कानून में कहीं कोई भी गारंटी नहीं दी गई जिसके विरोध में पूरे देश के किसानों में आक्रोश है । केंद्र सरकार ने लॉक डाउन में किसानों की तरह मजदूरों को भी बर्बाद करने के लिए मजदूर के हित के 29 कानून खत्म किए है।जिससे मजदूरों का शोषण करने का अवसर पूंजीपतियों को मिल रहा है। राष्ट्रीय किसान मोर्चा द्वारा 11 जनवरी से 17 जनवरी 2021 तक देश के 550 जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन आंदोलन के बाद भी अगर किसान विरोधी कानून वापस नहीं लिए गए तो देशव्यापी जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
जिले के किसानों के इस आंदोलन में राष्ट्रीय पिछड़ावर्ग मोर्चा, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा, राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ, बहुजन मुक्ति पार्टी, बहुजन क्रांति मोर्चा आदि दर्जनों संगठनों के कार्यकर्ता सामिल रहे और आंदोलन का समर्थन किया । रिपोर्ट मोहन लाल गौतम ब्यूरो चीफ के मास न्यूज कौशाम्बी

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