मुंबई :कोरोना (COVID-19) को लेकर किए गए लॉकडाउन (Lockdown) में देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Mumbai) में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हजारों कामगार अभी तक फंसे हुए हैं. योगी सरकार ने ट्रेनों के जरिए उन्हें यूपी लाने के लिए महाऑपरेशन शुरू किया है. लेकिन डेढ़ माह से लॉकडाउन में फंसे कई कामगारों का धैर्य अब जवाब देता जा रहा है. काम धंधा बंद हो जाने से इन कामगारों के सामने खाने-पीने का भी संकट गहराने लगा था. कामगारों को महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी लॉकडाउन में पर्याप्त मदद नहीं मिल रही थी. जिसके चलते यूपी के सैकड़ों कामगार अब मुम्बई से अपने वाहनों से ही निकल पड़े हैं.
इसी क्रम में सोमवार को प्रयागराज की सड़कों पर मुम्बई के दर्जनों ऑटो दिखायी पड़े. न्यूज 18 की टीम ने इन ऑटो चालकों को रोककर इनसे बातचीत की. दरअसल लॉकडाउन में घर नहीं आ पा रहे यूपी के लोग जो मुम्बई में आजीविका के लिए आटो रिक्शा चलाते थे, वो अपना ऑटो रिक्शा लेकर ही निकल पड़े हैं.
कई ऑटो रिक्शा अभी भी भदोही, वाराणसी, चंदौली की राह पर
कई ऑटो रिक्शा अभी आगे भदोही, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए भी रवाना हो रहे हैं. मुम्बई में लॉकडाउन में फंसे सभी लोग इस मुश्किल दौर में जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहते हैं. लोगों का कहना है कि उन्हें महाराष्ट्र से घर आने के लिए जब कोई साधन नहीं मिला तो वे मजबूरी में अपने ही साधनों से घर की ओर निकल पड़े हैं. से प्रयागराज की लगभग 1500 किलोमीटर की दूरी इन आटो रिक्शा चालकों ने पांच दिनों में पूरी की है.
