आजमगढ़/निजामाबाद तहसील क्षेत्र के क्यामुद्दीन पट्टी उर्फ परसहा में रेल मार्ग पर करोड़ो की लागत से बने अंडर पास पर 25 जून 2021 को एक घंटे की बारिश में लगभग 4 फिट पानी जाम होने से जनता हलकान,परेशान।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में जब इस अंडर पास बनाने के लिये रेल विभाग द्वारा रेल ट्रैक के नीचे खुदाई होने लगी।लगभग 8 फिट की खुदाई के बाद भूमि के नीचे से पानी आने लगा।पम्प से पानी निकालने के बाद भी कार्य बाधित रहा।इस बीच ग्राम निवासी जितेंद्र हरि पांडेय एडवोकेट के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने तहसील प्रशासन निज़ामाबाद को एक मांगपत्र दिया।जिसमें अंडर पास की जगह फ्लाई ओवर ब्रिज की मांग की गयी।जिलाधिकारी आज़मगढ़ गोरखपुर व वाराणसी के रेल उच्चाधिकारियों को रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से होने वाली समस्या से अवगत कराया गया।जलस्रोत जब गर्मी के माह में नीचे गया तो अंडर पास बना दिया गया।कुछ माह पूर्व समपार को बंद करके अंडर पास आवागमन के लिये के प्रारंभ किया गया।इसी जून माह के प्रथम सप्ताह बाद जब बारिश होने लगी तो अंडर पास पर पानी जाम होने पर मार्ग बाधित हुआ।स्थानीय रेल प्रशासन ने पम्प लगाकर कुछ पानी बाहर किया।किसी तरह आवाजाही सुरु हुई।कुछलोग ट्रैक के ऊपर से बाइक,साइकिल,पैदल आ जा रहे हैं।कई छोटी बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। ग्राम वासियों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि आज़मगढ़ शाहगंज मार्ग पर फरीदाबाद से परसहा रेल क्रासिंग से एक मार्ग निज़ामाबाद तहसील तो दूसरा मिर्जापुर ब्लॉक होकर फूलपुर माहुल की तरफ जाता है।अंडर पास में पानी जाम होने से लोग फरिहा संजरपुर के रास्ते जाने को मजबूर हैं।इससे लगभग कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि अंडर पास पर जो सेड लगाया गया है वह सड़क पर और दूर तक होता तो यह समस्या इतनी जटिल नहीं होती।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और रेल विभाग इस समस्या से जनता को अविलंब निजात दिलाने के लिये समपार आवागमन हेतु खुलवा दे और अंडर पास से आवागमन के लिये जरूरी उपाय करे।यदि समाधान समय पर नहीं किया जायेगा तो जनता आंदोलन के लिये बाध्य होगी।
क्या मुद्दीन पट्टी उर्फ परसहा में बना अन्डर पास पोखरे में तब्दील,ज़िम्मेदार कौन?
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