वरिष्ठ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के मौजूदगी में गलत पंक्तियों का लिखा जाना विचारणीय
उपजिलाधिकारी को पत्रक सौप जल्द बदलने की,की गई मांग
“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा” यह पंक्तियां शहीदों के श्रद्धांजलि के रूप में जानी जाती हैं जिसे जगदंबा प्रसाद मिश्र हितैषी जैसे महान लेखक ने शहीदों के लिए समर्पित किया था।
चन्दवक क्षेत्र के सेनापुर ग्राम में स्थित शहीद स्तंभ के गेट पर लगे उद्धघाटन शिलापट्ट पर इन्हीं पंक्तियों का त्रुटि पूर्वक लिखे जाना विचार करने योग्य बात है। शहीद उद्यान पार्क का लोकार्पण 25 जनवरी को किया गया ! और लोकार्पण कार्यक्रम पर एक से बढ़कर एक वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि पहुंचे थे पर किसी ने भी इस बात पर गौर नहीं फरमाया कि “यहीं बाकी निशा” के जगह “आखरी यही निशा होगा” इतनी बड़ी त्रुटि कैसे हुई।ग्राम के ही विनोद कुमार ने उपजिलाधिकारी महोदय को प्रार्थनापत्र लिख मांग की है की इस गलत शिलापट के गलत पंक्तियों को त्रुटिपूर्ण कर लगाया जाए।जिसपर उपजिलाधिकारी महोदय ने खण्ड विकास अधिकारी को हस्तांतरित करते हुए कार्यवाही को कहा है।
रिपोर्टर राजेश कुमार गुप्ता
