जौनपुर : दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से जौनपुर में भी आये है 50 लोग

0
0

जौनपुर :- देश की राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। जब यह खबर जौनपुर में पहुंची और यह पता चला कि यहां पर भी 50 लोग आ गये है तो लोग सहम गये। हालांकि जिले के तेज तर्रार डीएम दिनेश कुमा सिंह ने इनको पहले से ही चिन्हित कराकर क्वारंटाइन में रखा है। इन सभी को शिया कालेज में रखा गया है।

गौरतलब हो कि निजामुद्दीन इलाके में 18 मार्च को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें 1000 से भी अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें विदेशी लोग भी थे। अब पता चला है कि इनमें से करीब 300 लोगों को कोरोना हो सकता है, जिन्हें दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में एहतियातन भर्ती किया गया है। 10 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

क्या लोगों ने लौटा दी थी एंबुलेंस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन पहले ही निजामुद्दीन इलाके में कोरोना के दो संदिग्ध मरीज मिले थे। उनमें कोविड-19 के लक्षण दिखे। प्रशासन को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई, तुरंत वहां पर डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस भेजा गया, लेकिन लोगों ने विरोध करते हुए एंबुलेंस वापस लौटा दी। सोमवार की देर शाम अब इस पूरे इलाके में तब हड़कंप मच गया जब पता चला कि यहां पर कोरोना पॉजिटिव मिले हैं वो भी इतनी बड़ी तादात में।
जौनपुर पहुंचे 50 लोग
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली, नोएडा से बसों द्वारा जनपद में आये लोगों की जांच हो रही थी। उसी में पता चला कि कुछ लोग जमात में शामिल होने गये थे और वह भी आयें है। सोमवार रात में ऐसे 34 लोगों को चिन्हित किया गया था। मंगलवार को 16 लोगों को चिन्हित किया गया। कुल 50 लोगों को शिया कालेज में रखा गया है। क्वारंटाइन में रखने के बाद इन लोगों कहां—कहां, कैसे—कैसे यहां तक पहुंचे इसकी पूरी जानकारी निकालने की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिला अधिकारी भू एवं राजस्व को सौंपी गयी है। अधिकारीद्वय अपने कार्यों में तेजी से लगे हुए हैं।

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। जब यह खबर जौनपुर में पहुंची और यह पता चला कि यहां पर भी 50 लोग आ गये है तो लोग सहम गये। हालांकि जिले के तेज तर्रार डीएम दिनेश कुमा सिंह ने इनको पहले से ही चिन्हित कराकर क्वारंटाइन में रखा है। इन सभी को शिया कालेज में रखा गया है।

गौरतलब हो कि निजामुद्दीन इलाके में 18 मार्च को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें 1000 से भी अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें विदेशी लोग भी थे। अब पता चला है कि इनमें से करीब 300 लोगों को कोरोना हो सकता है, जिन्हें दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में एहतियातन भर्ती किया गया है। 10 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

क्या लोगों ने लौटा दी थी एंबुलेंस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन पहले ही निजामुद्दीन इलाके में कोरोना के दो संदिग्ध मरीज मिले थे। उनमें कोविड-19 के लक्षण दिखे। प्रशासन को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई, तुरंत वहां पर डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस भेजा गया, लेकिन लोगों ने विरोध करते हुए एंबुलेंस वापस लौटा दी। सोमवार की देर शाम अब इस पूरे इलाके में तब हड़कंप मच गया जब पता चला कि यहां पर कोरोना पॉजिटिव मिले हैं वो भी इतनी बड़ी तादात में।
जौनपुर पहुंचे 50 लोग
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली, नोएडा से बसों द्वारा जनपद में आये लोगों की जांच हो रही थी। उसी में पता चला कि कुछ लोग जमात में शामिल होने गये थे और वह भी आयें है। सोमवार रात में ऐसे 34 लोगों को चिन्हित किया गया था। मंगलवार को 16 लोगों को चिन्हित किया गया। कुल 50 लोगों को शिया कालेज में रखा गया है। क्वारंटाइन में रखने के बाद इन लोगों कहां—कहां, कैसे—कैसे यहां तक पहुंचे इसकी पूरी जानकारी निकालने की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिला अधिकारी भू एवं राजस्व को सौंपी गयी है। अधिकारीद्वय अपने कार्यों में तेजी से लगे हुए हैं।

In

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें