आप सांसद का बयान राम जन्म भूमि ट्रस्ट में घोटाला

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लखनऊ :श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) के महासचिव चंपत राय ने आप सांसद (AAP MP)संजय सिंह (Sanjay Singh) के भ्रष्‍टाचार के आरोपों जवाब में कल बयान जारी कर आरोपों को भ्रामक और राजनीतिक घृणा से प्रेरित बताया है. उन्‍होंने कहा है कि ट्रस्‍ट ने अब तक जितनी भी जमीनें खरीदी हैं, सभी काफी कम कीमत पर खरीदी हैं.राज्यसभा सदस्य एवं आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने कल रविवार को अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे.

सांसद ने दावा किया- 2 करोड़ रुपए में खरीदी गई जमीन साढ़े 18 करोड़ रुपए में खरीदी गई
आप सांसद ने दावा किया कि अयोध्या सदर तहसील के बाग बिजैसी गांव में पांच करोड़ 80 लाख रुपए की मालियत वाली गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी नामक व्यक्तियों ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से 18 मार्च को दो करोड़ रुपए में खरीदी थी. आप सांसद ने कहा कि शाम सात बजकर 10 मिनट पर हुई इस जमीन खरीद में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह बने थें. साथ ही आरोप लगाया कि उसके ठीक पांच मिनट के बाद इसी जमीन को चंपत राय ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी से साढ़े 18 करोड़ रुपए में खरीदा, जिसमें से 17 करोड़ रुपए आरटीजीएस के जरिए पेशगी के तौर पर दिए गए.

आप सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग की
संजय सिंह ने आरोप लगाया, “दो करोड़ रुपए में खरीदी गई जमीन का दाम लगभग प्रति सेकंड साढ़े पांच लाख रुपए बढ़ गया. हिंदुस्तान तो क्या, दुनिया में कहीं किसी जमीन का दाम इतनी तेजी से नहीं बढ़ता. मजे की बात यह है कि जो राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय बैनामा कराने में गवाह थे, वो ही इस जमीन को ट्रस्ट के नाम पर खरीदने में भी गवाह बन गए. यह साफ तौर पर धन शोधन और भारी भ्रष्टाचार का मामला है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल ईडी और सीबीआई के जरिए इस मामले की गहन जांच कराकर इसमें शामिल भ्रष्टाचारी लोगों को जेल में डाला जाए, क्योंकि यह इस मुल्क के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ-साथ उन करोड़ों लोगों के भरोसे का भी सवाल है, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा राम मंदिर निर्माण के लिए दिया है.”

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