बी. एड़. विभाग द्वारा आज का युवा और भविष्य का भारत विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ  ,शिक्षा द्वारा युवा समाज में परिवर्तन के वाहक बनते हैं – शांतिलता कुमारी

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सुलतानपुर

राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज के बी.एड. विभाग द्वारा आज “आज का युवा और भविष्य का भारत” विषयक विद्यार्थी संगोष्ठी का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों में समसामयिक राष्ट्रीय परिदृश्य के प्रति जागरूकता, उत्तरदायित्व-बोध एवं रचनात्मक चिंतन का विकास करना रहा। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है, जिसके विचार, मूल्य और कर्म भविष्य के भारत की दिशा निर्धारित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान, नैतिकता और सामाजिक प्रतिबद्धता के संतुलन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।असिस्टेंट प्रो. शांतिलता कुमारी ने युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा, नवाचार क्षमता और नेतृत्व गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से युवा न केवल अपने व्यक्तित्व का विकास करते हैं, बल्कि समाज में परिवर्तन के वाहक भी बनते हैं। डॉ. सीमा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के समक्ष अनेक चुनौतियाँ हैं, किन्तु दृढ़ संकल्प, सतत प्रयास एवं सही मार्गदर्शन के माध्यम से वे इन चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास एवं अनुशासन का महत्व समझाया। इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान के सक्रिय निर्माता हैं। उन्होंने बल दिया कि राष्ट्र के समग्र विकास हेतु युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संवेदनशीलता एवं नैतिक मूल्यों का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने, लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने तथा सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सशक्त, जागरूक एवं मूल्यनिष्ठ युवा ही विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला रख सकते हैं। संगोष्ठी में बी.एड. द्वितीय वर्ष से विचार रखने वाले विद्यार्थियों में अनुभवी सिंह, सरिता कुमारी, ज्योति मिश्रा, हिमांशु सिंह तथा बी.एड. प्रथम वर्ष से खुशी सिंह, अनुपम वर्मा, अंशिका पाण्डेय, वर्षा यादव, अभिषेक कुमार के विचार उल्लेखनीय रहे। विद्यार्थियों ने विषय के विभिन्न आयामों पर सारगर्भित एवं प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का कुशल संचालन आर्चिता सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर बी.एड. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी उपस्थित रहे। संगोष्ठी का समापन सकारात्मक विचारों एवं राष्ट्र-निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

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