7th Pay commission :24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कहा था कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर राजस्व में आई है. जिसके चलते राज्य सरकार ने कहा था कि वह केन्द्र सरकार की तर्ज पर राज्य के 16 लाख कर्मचारियों को एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक यानी डेढ़ साल तक महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की अतिरिक्त किश्तों का भुगतान नहीं करेगी. लेकिन अब कोरोना वायरस के चलते बने आर्थिक संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले 6 तरह के भत्तों को हमेशा के लिए समाप्त करने का फैसला लिया है मंगलवार को इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिया गया. सरकार के इस फैसले से राज्य के 16 लाख कर्मचारियों को झटका लगा है.
इससे पहले प्रदेश सरकार की ओर से 24 अप्रैल को जारी शासनादेश में कहा गया था, “भारत सरकार द्वारा लिये गये फैसले के अनुरूप राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों और पेंशनरों को एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 से देय महंगाई भत्ता (डीए) एवं महंगाई राहत (डीआर) की अतिरिक्त किश्तों का भुगतान नहीं किया जाएगा.”
कौन से 6 भत्ते हुए समाप्त
- राज्य के कर्मचारी, शिक्षक और पुलिस विभाग को मिलने वाला सचिवालय भत्ता
- नगर प्रतिकर भत्ता और अवर अभियंताओं का विशेष भत्ता
- पुलिस विभाग के अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग (सीबीसीआइडी), भ्रष्टाचार निवारण संगठन, आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, सतर्कता अधिष्ठान, अभिसूचना विभाग, सुरक्षा शाखा और विशेष जांच शाखा में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वीकृत विशेष वेतन भत्ता
- लोक निर्माण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलने वाला रिसर्च भत्ता
- अर्दली भत्ता और डिजाइन भत्ता
- सिंचाई विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाला इन्वेस्टीगेशन एंड प्लानिंग और अर्दली भत्ता
