उत्तर प्रदेश :- आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश में 4 से 10 जून के बीच कैसा रहेगा मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में 4 जून को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। अधिक बारिश पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भागों में होगी। धीरे-धीरे बारिश तराई वाले भागों में भी शुरू हो जाएगी। मिर्ज़ापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, कौशांबी, चित्रकूट, बांदा, कानपुर, फ़तेहपुर, प्रतापगढ़, अयोध्या में बारिश होगी। 5 जून को गोंडा, बस्ती, महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया में भी हल्की बारिश का अनुमान है।
5 जून से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन भागों में 5 और 6 जून को हल्की बारिश की संभावना है। उसके बाद से 10 जून तक उत्तर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा।
हालांकि अगले सप्ताह यानि 11 से 17 जून के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मॉनसून दस्तक दे सकता है। उससे बारिश भी बढ़ जाएगी।
*उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए फसल सलाह*
इस सप्ताह वर्षा की संभावनाओं को देखते हुए किसान बंधुओं को सुझाव है कि सिंचाई और छिड़काव जैसे कम स्थगित कर दें। निचले खेतों में जल निकासी का प्रबंधन करें।
धान के लिए खेतों की तैयारी के साथ नर्सरी की तैयारी करें। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपाई के लिए 800-1000 वर्गमीटर क्षेत्र नर्सरी के लिए पर्याप्त होता है। नर्सरी में 1.25 से 1.5 मीटर चौडी तथा सुविधानुसार लम्बी क्यारियां बनाएँ।
*कुछ उत्तम किस्में आप नोट कर सकते हैं:*
नरेंद्र-359, नरेंद्र धान-2064, नरेंद्र धान-2065, नरेंद्र धान-3112, सरजू-52, सीता आदि।
*संकर किस्में हैं:*
पंत संकर धान 1, नरेन्द्र संकर धान 1, पी.आर.एच-10, के.आर.एच-2, प्रो.एग्रो-6444, प्रो.एग्रो-6201 और पी.एच.बी-71
येलो राइस स्टेम बोरर धान का सबसे अधिक हानिकारक कीट है, यह एक हीं तरह के होस्ट पर जीवन यापन करता है, इसलिए नर्सरी तैयार करते समय पिछले वर्ष के झड़े हुए धान के बीजों से जो पौधे बने हैं उन्हें नष्ट कर दें।
मूंग फसल की पक्की हुई फलियों की तुरंत तुड़ाई करके सुरक्षित स्थान पर रखें। आम के फलो को सफ़ेद मक्खी के प्रकोप से बचाने के लिए बागो में फेरोमोन ट्रेप का प्रयोग करें।
