अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा जिला इकाई के नेतृत्व में वोट से बालू खनन चालू कराने नदी में मशीनीकरण पर रोक मजदूरों को मिले रोजगार कौशांबी से 500 कार्यकर्ता गांव से चलकर जमुना पार कर प्रयागराज पहुंचे. घूरपुर कंजा सा गांव में कई हजार बेरोजगार किसान मजदूर एकत्रित हुए सभा में किसानों ने कहा जिले के बड़े अधिकारी लगातार कह रहे हैं कि नाव से नदी की जलधारा मैं खनन नहीं होगा नेशनल ग्रीन एनजीटी ने रोक लगा दिया है जोकि किसी भी आदेश में यह नहीं कहा गया है कि वोट से बालू खनन नहीं होगा 24 जून 2019 को गलत आदेश लाकर यूपी सरकार में वोट से खनन पर रोक लगाई है यह आदेश उन पहाड़ी शिवालिक नदियों का था जहां पर बरसात होने के तुरंत बाद पानी बहकर सूख जाता था यानी कि सूखी नदी का आदेश जमुना की बहती नदी में लागू किया सरकार के गलत आदेश की वजह से 2 वर्षों से लाखों मजदूर वह छोटे कारोबारी भुखमरी के कगार पर चले गए हैं एक तरफ नदी के अंदर बड़े माफिया जेसीबी पोकलैंड पंचक्की लगाकर खनन कर रहे हैं 30 फीट तक गड्ढा कर रहे हैं जिससे नदी की पर्यावरण नष्ट हो रही है जब मजदूर नदी का पर्यावरण बचाने रोजगार को लेकर आवाज उठाता है तो पुलिस गुंडा एक्ट गैंगस्टर फर्जी केस लिखकर जेलों में ठोकने का काम किया है सरकार में रोजगार के नाम पर मनरेगा में कुछ दिन के लिए काम दिलाया लेकिन अभी तक कुछ मजदूरों का पेमेंट नहीं हुआ भ्रष्टाचार खूब हो रहे हैं. प्रयागराज से. ब्यूरो रिपोर्ट महावी
कौशांबी से 500 कार्यकर्ता गांव से चलकर जमुना पार कर प्रयागराज पहुंचे
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