सोनिया गाँधी ने कहा की -आज संवैधानिक इतिहास का काला दिन,नागरिकता संसोधन बिल पास छोटी सोच जीती

0
74

नई दिल्ली -नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पारित हो गया है. राज्यसभा में मतदान के दौरान बिल संशोधन के पक्ष में 125 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े. नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है. कई घंटों की बहस के बाद ये बिल राज्यसभा में इस बिल को लेकर मतदान हुआ. गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों के जवाब में अपनी बात रखी. इसके बाद वोटिंग हुई. इससे पहले इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव लाया गया. इसके लिए वोटिंग हुई, लेकिन ये प्रस्ताव गिर गया. प्रस्ताव को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के लिए 124 वोट पड़े, जबकि भेजने के पक्ष में 99 वोट पड़े. भेजने के पक्ष में कम वोट पड़ने के कारण ये प्रस्ताव गिर गया. इसके बाद बिल संशोधन के लिए वोटिंग हुई. सोनिया गांधी ने इस बिल के पास होने के बाद कड़ी आलोचना की है. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि आज संवैधानिक इतिहास का काला दिन है. छोटी सोच जीत गई है. ये भारत की बहुलतावाद सोच पर बड़ा हमला है.

क्या इस बिल में
विधेयक में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लिए भारत की नागरिकता पाने का रास्ता साफ़ हो गया है. इसमें सिर्फ मुस्लिमों को छोड़ दिया गया है. 31 दिसंबर 2014 तक इन देशों से भारत में शरण लेने के लिए आए इन धर्मों के लोगों को नागरिकता मिल जाएगी. मुस्लिमों को छोड़ इन समुदायों को छह वर्ष यहां निवास करने पर नागरिकता दी जाएगी. ऐसे लोगों के पास कोई उचित दस्तावेज नहीं होने पर भी उन्हें नागरिकता दी जा सकेगी. मुस्लिमों को छोड़ दिए जाने के कारण इस बिल का विरोध हो रहा है. विपक्ष का कहना है कि धर्म के आधार पर नागरिकता देश के संविधान पर हमला है. ये नई मुश्किलें पैदा हो सकती हैं.

इसलिए हो रहा विरोध
कांग्रेस सहित दल इसका विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस ने इससे पहले इस बिल को धार्मिक आधार पर नागरिकता देने के प्रावधानों को विभाजनकारी करार दिया. कांग्रेस ने कहा कि ये विधेयक संविधान के विरुद्ध है. कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार की यह दलील तर्कसंगत नहीं है कि पिछले 70 सालों में अन्य देशों से भारत आने वाले प्रताड़ित लोगों को नागरिकता नहीं दी गई. गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में पेश विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए उच्च सदन में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि आपके द्वारा लाया गया बिल भारतीय संविधान की नींव पर हमला है, यह भारत गणराज्य पर हमला है. इससे भारत की आत्मा आहत होती है. यह हमारे संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है. यह नैतिकता परीक्षण में विफल रहता है. शर्मा ने कहा कि इससे पहले पड़ोसी देशों से ही नहीं, बल्कि श्रीलंका, केन्या और युगांडा सहित अन्य देशों से भी भारत आने वाले शरणार्थियों को शरण दी गई. इसके लिए नागरिकता कानून में 9 बार संशोधन किया गया, लेकिन एक बार भी धार्मिक आधार पर नागरिकता नहीं दी गई.