अवैध शराब के विरोध की कीमत: महिला को बच्चों समेत घर से निकाला, पांच माह से सरकारी ट्यूबवेल पर काट रही जिंदगी

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अम्बेडकरनगर। बसखारी थाना क्षेत्र के अमोला गांव के इमादपुर मजरे से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अवैध शराब बिक्री का विरोध करना एक महिला को इतना भारी पड़ गया कि उसे अपने ही घर से बेदखल कर दिया गया। पीड़िता पिछले करीब पांच महीनों से अपने मासूम बच्चों के साथ गांव के सरकारी ट्यूबवेल परिसर में खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर है।

पीड़िता सरोजा पत्नी अमरनाथ ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। सरोजा का आरोप है कि उसके ससुर हरशुराम घर में अवैध रूप से शराब की बिक्री करते हैं। जब उसने इस गैरकानूनी गतिविधि का विरोध किया और पुलिस से शिकायत की, तो ससुराल पक्ष के लोग उसके खिलाफ हो गए।

महिला का कहना है कि उसकी सास कबूतरा देवी, जेठ केशव, जेठानी इंद्रावती, पति अमरनाथ तथा देवर बिंद्रेश, पंकज और अंकज मिलकर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और अंततः उसे बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया गया।

सरोजा के अनुसार, उसने कई बार पुलिस को वीडियो साक्ष्य और लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय की उम्मीद में वह 13 मई को जिलाधिकारी और बाद में पुलिस अधीक्षक से भी मिली तथा दोषियों पर कार्रवाई, अवैध शराब कारोबार की जांच और अपने वैवाहिक घर में सुरक्षित रूप से रहने की व्यवस्था की मांग की।

वर्तमान में पीड़िता सरकारी ट्यूबवेल परिसर में अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रह रही है। तेज गर्मी, सुरक्षा की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों के साथ उसका जीवन संघर्षपूर्ण बना हुआ है।

यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि पीड़िता को कब न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

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