कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को नया डेथ वारंट जारी किया 20 मार्च को सुबह 5:30 फाँसी होगी

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Newdelhi : दिल्‍ली की कोर्ट ने गुरुवार दोपहर को निर्भया केस के दोषियों चारों दोषियों की फांसी के लिए नई तारीख तारीख तय कर दी. कोर्ट ने चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी कर दिया. कोर्ट ने डेट वारंट में कहा कि उन्‍हें 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे फांसी दे दी जाए. सभी चारों दोषियों को एकसाथ फांसी दी जानी है.बता दें कि 4 मार्च को निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में आखिरी बची दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा खारिज किये जाने के बाद दिल्ली सरकार ने बुधवार को मामले के चारों दोषियों की फांसी के लिए नयी तारीख निर्धारित करने का अनुरोध करते हुए यहां की एक अदालत का रुख किया था.

दिल्ली सरकार ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा को बताया था कि दोषियों के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं और अब कोई विकल्प नहीं बचा है. इसके बाद न्यायाधीश ने दोषियों को निर्देश दिया कि वे अपना जवाब कल तक दायर करें जबकि अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि किसी नोटिस की जरूरत नहीं है.

पवन गुप्‍ता के अलावा मुकेश कुमार सिंह (32), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फांसी देने के लिए पूर्व में तीन मार्च सुबह छह बजे का समय निर्धारित किया था. इसे अदालत ने गत सोमवार को छह सप्ताह में तीसरी बार टाल दिया था क्योंकि दोषी अपने कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे थे. मुकेश, विनय और अक्षय की दया याचिका राष्ट्रपति पहले ही खारिज कर चुके हैं. अदालत ने फांसी सोमवार को अगले आदेश तक टाल दी थी.

कोर्ट ने फांसी देने की पहली तारीख 22 जनवरी तय की गई थी, जिसे अदालत ने बाद में टाल दिया था. हालांकि 31 जनवरी को अदालत ने फांसी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी थी. 17 फरवरी को अदालत ने फिर से तीन मार्च सुबह छह बजे फांसी देने के लिए नया मृत्यु वारंट जारी किया.

बता दें कि दिल्ली कारागार नियमावली के मुताबिक मौत की सजा का सामना कर रहे किसी दोषी की दया याचिका खारिज होने के बाद उसे फांसी देने से पहले 14 दिन का समय दिया जाता है.

बता दें चारों दोषियों और एक किशोर सहित छह व्यक्ति आरोपी के तौर पर नामजद थे. छठे आरोपी राम सिंह ने मामले की सुनवाई शुरू होने के कुछ दिनों बाद तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. एक सुधार गृह में तीन साल गुजारने के बाद 2015 में किशोर को रिहा कर दिया गया था.

गौरतलब है कि निर्भया से 16 दिसंबर, 2012 को दक्षिणी दिल्ली में एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार के साथ ही उस पर बर्बरता से हमला किया गया था. निर्भया की बाद में सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मौत हो गई थी, जहां उसे बेहतर चिकित्सा के लिए ले जाया गया था. दिल्ली की एक अदालत ने 13 सितम्बर 2013 को चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी. उसके बाद से इस मामले में कई मोड़ आए.