10 किमी तक गूंजा ‘भारत माता की जय’, तिरंगे के रंग में रंगा क्षेत्र पंचायत कार्यालयअखण्डनगर

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10 किमी तक गूंजा ‘भारत माता की जय’, तिरंगे के रंग में रंगा क्षेत्र पंचायत कार्यालयअखण्डनगर

 

सुल्तानपुर

 

डॉ. वेद प्रकाश सिंह की अगुवाई में निकली विशाल तिरंगा यात्रा, हजारों देशभक्तों ने की सहभागिता एवं पांच बड़े संकल्पों से सेवा, शिक्षा और विकास को नई दिशा देने का संकल्प से देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को अखंडनगर की धरती राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से सराबोर दिखाई दी। सुलतानपुर, जौनपुर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर के शिक्षा क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले श्री विश्वनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, कलान के प्रबंध निदेशक, समाजसेवी एवं भाजपा नेता डॉ. वेद प्रकाश सिंह की अगुवाई में करीब 20 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हजारों लोगों की सहभागिता वाली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

 

उरेहा स्टेडियम में ध्वजारोहण के बाद धरती माता को नमन, फिर शुरू हुआ राष्ट्रभक्ति का कारवां

 

कार्यक्रम की शुरुआत श्री विश्वनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, कलान के उरेहा स्टेडियम में ध्वजारोहण के साथ हुई। राष्ट्रीय ध्वज को विधिवत नमन करने के बाद तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से पहले डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने पुष्प अर्पित कर धरती माता को श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने रिबन काटकर यात्रा का शुभारंभ किया। इसी अवसर पर तिरंगे के रंगों से सुसज्जित गुब्बारे को आकाश की ओर छोड़ा गया, जो ऊंचाइयों की ओर बढ़ता हुआ राष्ट्र की उन्नति, स्वतंत्रता और उज्ज्वल भविष्य की आकांक्षा का प्रतीक बन गया। यह दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा और पूरे वातावरण में राष्ट्रप्रेम के साथ एक नई ऊर्जा का संचार करता दिखाई दिया।

 

‘हर घर तिरंगा’ के संदेश के साथ निकला भव्य काफिला

 

‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत विद्यालय के मुख्य द्वार से अखण्डनगर विकासखंड तक तिरंगा यात्रा प्रारंभ हुई। इसमें पांच हजार से अधिक क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा और मन में राष्ट्रप्रेम लिए उमड़े जनसमूह ने यात्रा को भव्यता प्रदान की।

 

आगे भारत माता का चित्र, पीछे उमड़ा देशभक्ति का जनसैलाब

 

यात्रा के सबसे आगे भारत माता के चित्र से सुसज्जित वाहन चल रहा था। इसके पीछे देशभक्ति गीतों के बीच तिरंगा हाथों में लिए लोगों का काफिला आगे बढ़ता रहा। स्वयं डॉ. वेद प्रकाश सिंह यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। मोटरसाइकिलों पर सवार सैकड़ों युवाओं का हुजूम ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान करता रहा। देखते ही देखते युवाओं की संख्या हजारों में पहुंच गई। सामाजिक कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों ने भी उत्साह के साथ भागीदारी कर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

 

बाजारों में थिरके कदम, जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा

 

तिरंगा यात्रा बीबीगंज बाजार, देवनगर बाजार, अखण्डनगर बाजार, थाना परिसर तथा वहां की ग्रामसभा से होते हुए विकासखंड कार्यालय अखण्डनगर के प्रांगण में पहुंची। पूरे मार्ग में देशभक्ति गीतों और नारों से वातावरण गूंजता रहा। बाजारों में यात्रा को देखने के लिए राहगीर रुक गए। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया गया।

 

विकासखंड कार्यालय में धरती माता को किया नमन कर

करीब 20 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद काफिला विकासखंड कार्यालय अखण्डनगर के प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुआ। समापन अवसर पर डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने वहां स्थापित शिला के समक्ष श्रद्धापूर्वक शीश झुकाकर धरती माता को प्रणाम किया। उन्होंने जमीन को माथे से लगाकर मातृभूमि के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और इसके बाद शिला पर माला अर्पित की। यात्रा की शुरुआत में धरती माता को पुष्प अर्पित कर नमन करने और समापन पर जमीन को माथे से लगाकर श्रद्धा व्यक्त करने के इन दृश्यों ने पूरे आयोजन को केवल तिरंगा यात्रा तक सीमित न रखकर मातृभूमि के प्रति गहरी आस्था और सम्मान का भाव प्रदान किया।

 

*‘तिरंगा केवल ध्वज नहीं, त्याग, बलिदान और गौरव का प्रतीक’*

 

डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, त्याग और गौरव का प्रतीक है। युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन युवाओं को देश और समाज के प्रति अपने दायित्व का बोध कराते हैं तथा सामाजिक एकता को और मजबूत करते हैं।

 

पांच संकल्पों में सेवा भाव चिकित्सा और शिक्षा से लेकर श्रीधाम बेलवाई के विकास तक का खाका

 

कार्यक्रम में डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने समाजसेवा और क्षेत्र के विकास से जुड़े पांच बड़े संकल्पों की घोषणा की। इनमें जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम की स्थापना, गरीब-अमीर सभी को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाला अस्पताल, जरूरतमंदों को दाह संस्कार के लिए निःशुल्क लकड़ी उपलब्ध कराना, अत्यंत निर्धन एवं जरूरतमंद 1500 बालक-बालिकाओं को गोद लेकर उनके पालन-पोषण, शिक्षा-दीक्षा तथा रोजगार अथवा स्वरोजगार योग्य बनाने का प्रयास और श्रीधाम बेलवाई के जीर्णोद्धार के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक निर्माण कार्य कराना शामिल है।

 

घोषणा नहीं, आने वाले समय में धरातल पर उतारे जाएंगे संकल्प’

 

डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि ये पांचों संकल्प केवल मंच से की गई घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि आने वाले समय में उन्हें स्वयं धरातल पर उतारने का लक्ष्य उन्होंने तय किया है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को पूरा करने के लिए वह व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्ध हैं। उनके संकल्पों ने उपस्थित जनसमूह में उत्साह और विश्वास का संचार किया। क्षेत्र के लोगों के बीच सेवा और विकास के लिए उनकी सक्रिय भूमिका की चर्चा होती रही है और इन संकल्पों ने उनकी इसी सोच को एक व्यापक दिशा दी है।

 

गांव के युवाओं को रोजगार के लिए शहर न छोड़ना पड़े, इसके लिए भी तैयार हो रही विस्तृत योजना

 

डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी दूरगामी सोच भी सामने रखी। उनका एक महत्वपूर्ण संकल्प यह भी है कि गांव का कोई युवक केवल रोजी-रोटी की तलाश में शहर जाने को मजबूर न हो। इसके लिए युवाओं को इतना सक्षम और योग्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है कि वे सरकारी नौकरी हासिल कर सकें अथवा अपना रोजगार शुरू कर सकें। उनका उद्देश्य केवल युवाओं को रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर पूरे क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का आधार तैयार करना है। इसके लिए उनके द्वारा एक विस्तृत योजना तैयार की गई है और उस पर लगातार कार्य किया जा रहा है। यह सोच शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार को गांव की अर्थव्यवस्था से जोड़कर पलायन रोकने की दिशा में एक दीर्घकालिक प्रयास के रूप में सामने आती है।

 

सेवा को संकल्प और संकल्प को परिणाम में बदलने की सोच

 

डॉ. वेद प्रकाश सिंह की पहल में राष्ट्रप्रेम को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय उसे समाजसेवा और क्षेत्रीय विकास से जोड़ने का प्रयास दिखाई दिया। तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब जहां राष्ट्रीय भावना की ताकत का प्रतीक बना, वहीं घोषित संकल्पों ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सुरक्षा, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और रोजगार के क्षेत्र में ठोस पहल को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

 

गणमान्य लोगों की रही गरिमामय उपस्थिति

 

कार्यक्रम में श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज, कलान के प्रबंधक शशि प्रकाश सिंह, शिवव्रत सिंह चिल्ड्रन एकेडमी के निदेशक राजकुमार शशांक सिंह तथा अनुशासन प्रभारी डॉ. अतुल कुमार सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही। शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि सेवा भाव से लिया गया संकल्प सच्ची निष्ठा के साथ पूरा किया जाए तो उसकी सफलता का मार्ग स्वयं प्रशस्त होता है। राजकुमार शशांक सिंह ने आयोजन को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

 

भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी बढ़ाया उत्साह

 

इस दौरान राहुल, नगर मंडल अध्यक्ष, अखंडनगर मंडल अध्यक्ष, भूतपूर्व मंडल अध्यक्ष सहित दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। भारत माता के जयघोष और हाथों में लहराते तिरंगों के बीच निकली यात्रा ने अखंडनगर में स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को यादगार बना दिया। करीब 20 किलोमीटर तक गूंजते राष्ट्रभक्ति के नारों के बीच यात्रा ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम केवल शब्दों का विषय नहीं, बल्कि जन-जन के मन में जीवित भावना है।

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