पद्मनाथ सिंह की स्मृति में बन पुस्तकालय भवन का लोकार्पण, स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान की उठी आवाज

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मऊ – डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मऊ के तत्वावधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रथम विधायक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के नाम पर निर्मित पुस्तकालय भवन का भव्य लोकार्पण बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री श्री दारा सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के ज्येष्ठ पुत्र एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अमरेंद्रनाथ सिंह तथा नगर पालिका परिषद मऊ के चेयरमैन श्री अरशद जमाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दिनेश राय, महामंत्री श्री सत्राम यादव, पूर्व अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार सिंह पालीवाल, पूर्व महामंत्री श्री रितेश श्रीवास्तव, सिविल कोर्ट सेंट्रल के अधिवक सहित चारों तहसीलों के अध्यक्ष एवं महामंत्री, वरिष्ठ अधिवक्ता तथा कनिष्ठ अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रहे। अधिवक्ताओं की भारी मौजूदगी के कारण सभागार खचाखच भरा रहा।
मोहम्मद अंसारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों को पूरे जनपद में घर-घर घूम करके उन्होंने सम्मानित किया और उनका सम्मान दिलाने के लिए सरकार से मांग पत्र प्रस्तुत किया उनका आज के कार्यक्रम में उल्लेखनीय जिसके लिए वह बधाई के पात्र है

कार्यक्रम का कुशल संचालन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से जुड़े एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अनिल मिश्रा एडवोकेट ने किया। उन्होंने स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के स्वतंत्रता आंदोलन और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

पुस्तकालय भवन के निर्माण में पूर्व अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार सिंह पालीवाल एवं पूर्व महामंत्री श्री रितेश श्रीवास्तव के प्रयासों की भी सराहना की गई। उनके प्रयासों से तत्कालीन स्तर पर मंत्री तक प्रस्ताव पहुंचा और पुस्तकालय भवन के लिए 25 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम में वर्तमान अध्यक्ष एवं महामंत्री सहित पूरी बार एसोसिएशन को भी सफल आयोजन के लिए बधाई दी गई।

स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और अधिकार की उठी मांग

लोकार्पण समारोह के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अनिल मिश्रा ने सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रत्येक परिवार में कम से कम एक पात्र व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही ऐसे परिवारों को आवश्यक सुविधाएं एवं सम्मान प्रदान किया जाए।

उन्होंने यह भी मांग उठाई कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के लिए उनके गांवों, प्रमुख मार्गों, रेलवे स्टेशनों एवं रोडवेज बस अड्डों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और बलिदान को याद रख सकें।

पूर्व अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह पालीवाल ने कहा कि स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के नाम पर बना यह पुस्तकालय भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि मऊ के स्वतंत्रता आंदोलन, न्यायिक परंपरा और अधिवक्ता समाज की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है

पद्मनाथ सिंह की स्मृति में बने पुस्तकालय भवन का लोकार्पण, स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान की उठी आवाज

मऊ। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मऊ के तत्वावधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रथम विधायक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के नाम पर निर्मित पुस्तकालय भवन का भव्य लोकार्पण बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री श्री दारा सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के ज्येष्ठ पुत्र एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अमरेंद्रनाथ सिंह तथा नगर पालिका परिषद मऊ के चेयरमैन श्री अरशद जमाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दिनेश राय, महामंत्री श्री सत्राम यादव, पूर्व अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार सिंह पालीवाल, पूर्व महामंत्री श्री रितेश श्रीवास्तव, सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री शम्सुर हसन, महामंत्री श्री लक्ष्मीकांत यादव सहित चारों तहसीलों के अध्यक्ष एवं महामंत्री, वरिष्ठ अधिवक्ता तथा कनिष्ठ अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। अधिवक्ताओं की भारी मौजूदगी के कारण सभागार खचाखच भरा रहा।

कार्यक्रम का कुशल संचालन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से जुड़े एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अनिल मिश्रा एडवोकेट ने किया। उन्होंने स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के स्वतंत्रता आंदोलन और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

पुस्तकालय भवन के निर्माण में पूर्व अध्यक्ष श्री हरिश्चंद्र पालीवाल एवं पूर्व महामंत्री श्री रितेश श्रीवास्तव के प्रयासों की भी सराहना की गई। उनके प्रयासों से तत्कालीन स्तर पर मंत्री तक प्रस्ताव पहुंचा और पुस्तकालय भवन के लिए 25 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम में वर्तमान अध्यक्ष एवं महामंत्री सहित पूरी बार एसोसिएशन को भी सफल आयोजन के लिए बधाई दी गई।

स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और अधिकार की उठी मांग

लोकार्पण समारोह के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अनिल मिश्रा ने सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रत्येक परिवार में कम से कम एक पात्र व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही ऐसे परिवारों को आवश्यक सुविधाएं एवं सम्मान प्रदान किया जाए।

उन्होंने यह भी मांग उठाई कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के लिए उनके गांवों, प्रमुख मार्गों, रेलवे स्टेशनों एवं रोडवेज बस अड्डों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और बलिदान को याद रख सकें।

कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय पद्मनाथ सिंह के नाम पर बना यह पुस्तकालय भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि मऊ के स्वतंत्रता आंदोलन, न्यायिक परंपरा और अधिवक्ता समाज की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है।

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