गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र गाजीपुर ने पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे दो दंपतियों के बीच मध्यस्थता कराकर उन्हें पुनः साथ रहने के लिए राजी किया। दोनों दंपतियों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर राजी-खुशी से साथ रहने पर सहमति जताई, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में 17 सितंबर को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के विवाद से संबंधित कुल 12 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इस दौरान काफी समय से विवादित चल रहे दो मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाया गया। काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और बिना किसी दबाव के दोनों दंपतियों ने अपने मतभेद दूर कर साथ रहने का निर्णय लिया।
मध्यस्थता के बाद दोनों परिवारों को राजी-खुशी सकुशल विदाई कराई गई। इसके अतिरिक्त दो प्रकरणों में कुशलक्षेम के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि तीन प्रकरणों में विधिक सुझाव देते हुए पत्रावली का निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों में अभी मध्यस्थता नहीं हो पाने के कारण अगली तिथि निर्धारित की गई। परिवार परामर्श केंद्र द्वारा पति-पत्नी के बीच उत्पन्न विवादों को बातचीत, समझाइश और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता है, ताकि पारिवारिक रिश्तों को टूटने से बचाया जा सके।
इन प्रकरणों के निस्तारण में काउंसलर कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सोनाली, संध्या, सविता तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जयप्रकाश चंद्रा, ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर














