एस डी एम कादीपुर, सी ओ कादीपुर और क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम और पीड़ित परिजनों के बीच वार्ता के बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए परिजन, पति पत्नी और बेटे की एक साथ उठी अर्थियां

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एस डी एम कादीपुर, सी ओ कादीपुर और क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम और पीड़ित परिजनों के बीच वार्ता के बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए परिजन, पति पत्नी और बेटे की एक साथ उठी अर्थियां

 

सुल्तानपुर

 

सुल्तानपुर जिले के अखंड नगर थाना क्षेत्र पसना गांव स्थित ब्रह्मबाबा देवस्थान के पास मंगलवार सुबह कादीपुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में घायल युवक समेत उसके माता-पिता की उपचार के दौरान मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से क्षेत्र में मातम छा गया। बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे अलीपुर बाजार से पति-पत्नी और उनके पुत्र की अर्थियां एक साथ उठीं तो मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

 

मिसिरपुर जलालपुर निवासी 21 वर्षीय प्रदीप कुमार उर्फ अजय गुप्ता अपने माता-पिता रामलवट गुप्ता (45) और दुर्गावती देवी (42) के साथ मोपेड से हंड़िया मल्देपुर, थाना पवई, आजमगढ़ जा रहे थे। रामलवट अपने बड़े भाई मुन्नीलाल गुप्ता के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान सड़क हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अखण्डनगर पहुंचाया, जहां चिकित्सक विवेक वर्मा ने प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में रामलवट और दुर्गावती को जिला अस्पताल अम्बेडकरनगर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की भी मौत हो गई।

 

प्रदीप ई-रिक्शा चलाने के साथ अलीपुर बाजार में खाने-पीने के सामान और फल आदि की दुकान करता था। रामलवट के पांच बच्चों में प्रदीप इकलौता पुत्र था। माता-पिता और भाई की मौत से बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

रामलवट के साले कृष्ण मुरारी गुप्ता की तहरीर पर कलान, अखण्डनगर,सुल्तानपुर के निजी स्कूल वाहन और अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त मोपेड कब्जे में ले ली। सीओ कादीपुर विनय गौतम, एसडीएम विनीत कुमार और एआरटीओ ने घटनास्थल व थाने पहुंचकर जांच की।

 

पोस्टमार्टम के बाद शव अलीपुर पहुंचे तो ग्रामीणों ने अखण्डनगर-कादीपुर मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने सरकारी सहायता के साथ बच्चियों की पढ़ाई और आर्थिक मदद की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनी। शिक्षण संस्थान की ओर से तत्काल एक लाख रुपये, योग्यता के अनुसार एक को बेटी को नौकरी तथा शिक्षण कार्य कर रही बच्चियों की पढ़ाई और विद्यालय आने-जाने की निःशुल्क सुविधा तथा यथा संभव आर्थिक सहयोग देने का आश्वासन दिया गया।

 

बुधवार को गोमती नदी किनारे कादीपुर के देवाढ़घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के भाई लालमनि गुप्ता और बेटियों ने मुखाग्नि दी। एक साथ उठीं तीन अर्थियों का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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