3 दिन के गतिरोध के बाद बहाल हुई बिजली, BNS के तहत FIR दर्ज; थानाध्यक्ष और SDO ने मौके पर डटकर पूरा कराया काम
सुल्तानपुर
सुल्तानपुर जनपद के अखंडनगर थाना क्षेत्र में आंधी-बारिश से ठप पड़ी बिजली सप्लाई को बहाल करने गई विद्युत विभाग की टीम पर दबंगई और सरकारी कार्य में रोड़ा अटकाने का गंभीर मामला सामने आया है। तीन दिनों तक चले भारी विरोध और हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन की सख्त मौजूदगी में आखिरकार नगरी भेड़ीघाट निषाद बस्ती की बिजली बहाल करा दी गई है। मामले में विद्युत उपकेंद्र अखंडनगर के अवर अभियंता (जेई) की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
तेज आंधी-तूफान से टूटा था पोल और तार
33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र अखंडनगर के अवर अभियंता (जेई) आलोक रंजन सिंह के अनुसार, गत 5 अक्टूबर को आई तेज आंधी और बारिश के कारण अखंडनगर उपकेंद्र से जुड़ी नगरी फीडर की एल.टी. लाइन का एक पोल और तार टूटकर गिर गया था। इसके कारण नगरी भेड़ीघाट स्थित निषाद बस्ती की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया था।
3 दिन से हलकान था विभाग, काम करने से लगातार रोक रहे थे लोग
बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए जेई आलोक रंजन सिंह अपने लाइन स्टाफ के साथ नया पोल लगाने और तार जोड़ने पहुंचे, तो स्थानीय कुछ लोग उग्र हो गए और अभद्रता करते हुए काम रुकवा दिया। विद्युत विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली चालू करने के प्रयास में परेशान रही, लेकिन आरोपी उन्हें और लाइन स्टाफ को काम नहीं करने दे रहे थे।
स्थानीय लोगों के इस अडिग विरोध से तंग आकर अंततः जेई आलोक रंजन सिंह ने अखंडनगर थाने पहुंचकर तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया।
FIR के बाद भी नहीं माने आरोपी, मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष और SDO
मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे बिजली कर्मचारियों को मरम्मत कार्य करने से रोकते रहे। इसके बाद मामला गहराता देख अखंडनगर थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई।
थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार वर्मा पूरे पुलिस स्टाफ के साथ खुद घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं दोस्तपुर के उपखंड अधिकारी (SDO) भी मौके पर आ डटे। पुलिस बल की भारी मौजूदगी और कड़े रुख को देखते हुए उपद्रवी पीछे हटे, जिसके बाद विद्युत कर्मियों ने पोल गाड़कर और तार जोड़कर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल की।
नामजद व अज्ञात आरोपियों पर कसता शिकंजा
पुलिस ने जेई की शिकायत पर निम्नलिखित लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है:
अरविंद उपाध्याय (पुत्र राजदेव उपाध्याय)
राजेश (पुत्र बृजेश)
शिवम
जयप्रकाश
अनमोल उर्फ विक्की (पुत्र फुन्नल)
10 से 15 अन्य अज्ञात व्यक्ति
थानाध्यक्ष का बयान:
थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि BNS की धारा 132 (सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संतोष कुमार राय को सौंपी गई है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी व आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
















