एक साल पहले ही थाने में सुलह होने के बाद भी अपना हिस्सा पाने के लिए दर दर भटक रही है महिला

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बोदरा अम्बेडकर नगर।

यह मामला जैतपुर थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा बोदरा का है। यहाँ की निवासी मंजू देवी पत्नी स्वर्गीय भानू प्रताप सिंह का है, भानू प्रताप सिंह की मृत्यु 2009 में हो चुकी है। जिनकी 4 पुत्रियां है जिनमे 2 की शादी हो गयी है। शेष 2 पुत्रिया शादी करने के योग्य हो गयी हैं। जानकारी के मुताबिक विपक्षी योगेन्द्र पुत्र राम समुझ सिंह, नरेन्द्र सिंह पुत्र योगेन्द्र सिंह आदि लोग महिला के हक की ज़मीन व मकान देने से कतरा रहे हैं। जबकि थाने में 21/02/2019 को सुलह नामा पेश किया गया उसमे दिया गया कि घर व ज़मीन के बंटवारे को लेकर मारपीट हो गयी थी जिसमें दोनों पक्षों को चोटें आईं थीं।जिसकी शिकायत जैतपुर पुलिस को दी गयी, पुलिस और कुछ सम्मानित व्यक्ति के द्वारा सुलह करा दिया गया,जिसमे दिया गया कि प्रथम पक्ष अपनी ज़मीन व घर दूसरे पक्ष को 7 लाख में 20/ 03/ 2019 तक दे देगा पैसा पाने पर ओ ज़मीन व घर का रजिस्ट्री कर देगा । और न्यायालय में कोई प्रार्थना पत्र नही देगा न ही हस्तक्षेप करेगा। ये सुलहनामा में दिया गया। लेकिन न तो पैसा मिला न ही ज़मीन कब्जा करने दे रहे हैं। फिर मंजू देवी द्वारा तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया जिसकी जांच हेतु उपनिरीक्षक महोदय घर जाकर दोनों पार्टी को समाधान दिवस में बुलाये। वहाँ से सम्बंधित अधिकारी जिसमे कानूनगो प्रवेश कुमार , लेखपाल जय नारायण,लेखपाल सुनील मौर्य, लेखपाल रामचेत व पुलिस प्रशासन में गजेन्द्र विक्रम जी व हमराही शिवम सिंह मौके पर गए लेकिन विपक्षी घर पर नदारत मिले पूछने पर बताया गया कि घर पर शादी है घर के काम से बाहर गए हैं।लेकिन फिर भी घर वालों की मौजूदगी में कानूनगो साहब ने नापकर निसान लगाकर बटवारा करवाया और कहा कि शादी बीत जाने के बाद अपने हक की ज़मीन व मकान पर बाउंड्री कर लेना । अब देखना है कि शादी बाद नेहा व उसकी सिस्टर को उसका हक मिलता है या नही ये तो समय बतायेगा।