नहरों में पानी नहीं कैसे करें किसान गेहूं की बुवाई

0
55

आजमगढ निज़ामाबाद फरिहा शारदा सहायक खंड 32 की असीलपुर माइनर में पानी ना आने से नहर के किनारे के सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई .और अब गेहूं की बुवाई के लिए भी किसान परेशान हैं .पानी ना आने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है. इस माइनर नहर से सैकड़ों गांव के किसान खेती के ही सहारे रहते हैं .इन दिनों गेहूं की बुवाई की तैयारी के लिए किसान उत्सुक हैं .और उसी समय नहर में पानी नहीं है. किसान अपने खून पसीने की कमाई को बर्बाद होते देख परेशान होते हैं. धान की फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुकी है .नहर में पानी ना आने से कई बार किसान उप जिलाधिकारी महोदय से भी शिकायत किए. लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा. धान की फसल के लिए इंद्र देवता की कृपा भी नहीं हुई .नहरों में अगर समय से पानी आया होता तो धान की फसल अच्छी हुई होती. जिन किसानों की सिंचाई का साधन नहर ही है .वहां के किसानों को नहर दगा दे रही है. ग्राम सभा बड़ागांव हुसामपुर के किसान संतलाल कुमार बौद्ध ने कहा कि पूरी धान की फसल बर्बाद हो चुकी है .पानी नहीं आया .अब गेहूं की बुवाई कैसे करें .किसान प्यारेलाल का कहना है कि जिस समय नहर में पानी होना चाहिए उस समय नहर में धूल उड़ रही है. मक्खन पट्टी के किसान राजाराम पांडे ने कहा कि यदि शीघ्र नहर में पानी ना आया तो धान की तरह गेहूं की बुवाई भी चली जाएगी .और किसानों की ग गेहूं के समय से बुवाई नहीं हो पाएगी