आजमगढ़
बीते 4 सितंबर:नाली में पानी बहाने को लेकर हुए विवाद में हरिओम पाण्डेय की गला दबाकर हत्या किए जाने के मामले में पवई पुलिस ने केवल 48 घंटे के भीतर तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। त्वरित कार्रवाई के लिए थाना पवई के थानाध्यक्ष मनीष पाल और उनकी पुलिस टीम की सराहना की जा रही है।पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को चकिया बखरिया निवासी विरेन्द्र पाण्डेय ने थाना पवई में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पूर्व में हुई कहासुनी को लेकर नाली के विवाद में यदुवंश मणि त्रिपाठी, रामलाल शर्मा एवं एक अभियुक्ता ने उनके करीब 30 वर्षीय पुत्र हरिओम पाण्डेय के साथ घर के दरवाजे पर मारपीट की और उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को सक्रिय किया गया।थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार दबिश और तलाश के बाद 6 सितंबर 2026 को तीनों नामजद आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पोल संख्या 187.8 स्थित नसोपुर अंडरपास से रात करीब 2:52 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मामले में नामजद तीनों आरोपी 48 घंटे के भीतर कानून की गिरफ्त में आ गए।गिरफ्तार आरोपियों में यदुवंश मणि त्रिपाठी पुत्र उमाकान्त त्रिपाठी, रामलाल शर्मा पुत्र सहदेव शर्मा, दोनों निवासी चकिया बखरिया, थाना पवई, तथा एक अभियुक्ता शामिल हैं। आरोपियों के विरुद्ध थाना पवई में मु0अ0सं0 209/2026, धारा 103(1)/351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी यदुवंश मणि त्रिपाठी के विरुद्ध थाना पवई में पूर्व में भी मुकदमा दर्ज रहा है।थानाध्यक्ष की सक्रियता बनी कार्रवाई की अहम कड़ीहत्या जैसे गंभीर मामले में घटना के तत्काल बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम को सक्रिय करना और लगातार प्रयास करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार करना थाना पवई पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है। थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में की गई त्वरित कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर पुलिस की प्रभावी कार्यशैली के रूप में देखा जा रहा है।गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष मनीष पाल के साथ कांस्टेबल राकेश गोड, जमींदार विश्वकर्मा, धीरज वर्मा, रोहन, नितिन मिश्रा एवं महिला कांस्टेबल ज्योति गुप्ता शामिल रहीं।
संवाददाता मुकेश सक्सेना की रिपोर्ट


















