आजमगढ़ जिले के निज़ामाबाद तहसील में इन दिनों प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद की एक नई तस्वीर देखने को मिल रही है। तहसील के मनोविज्ञानी अयान जैन अपने कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार, सरल हृदय, शांत स्वभाव और जनसमस्याओं के प्रति दृष्टिकोण के कारण क्षेत्र की जनता के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। आम जनता का कहना है कि जब कोई अधिकारी जनता की बात को केवल सुनता ही नहीं, बल्कि उसे समझाता है और अपने समाधान तक का प्रयास करता है, तो स्वाभाविक रूप से जनता का विश्वास प्रशासन के प्रति मजबूत होता है। निज़ामाबाद में कुछ ऐसा ही मोहक लुक मिल रहा है। उपजिला अधिकारी अयान जैन की कार्यशैली की सबसे खास बात यह है कि वह आम जनता की समस्याओं को नियमित रूप से जनता की राय बताते हैं। सुबह कार्यालय पहुंचने के बाद वह अपने कक्ष में आवेदकों से जुड़ जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग अपनी जमीन, राजस्व, मार्ग, सीमांकन क्षेत्र, पारिवारिक विवाद, प्रमाण पत्र और अन्य सामान लेकर अपनी नजदीकी सीमा पर हैं। प्रत्येक मामले को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। कई बार छोटी-सी समस्या के लिए अलग-अलग तरह के अनोखे दृश्य पेश किए जाते हैं। ऐसे में यदि कोई अधिकारी स्वयं अपने भयभीत संबंधित कर्मचारी को जांच और समाधान की बात की जिम्मेदारी नहीं देता है, तो इससे लोगों का समय और धन दोनों बचता है। वकील अयान जैन की कार्यशैली में येही पवित्र समाज हैं।समस्या सुनने के साथ समाधान पर भी जोर दें उपयोजना सहायक अयान जैन ने केवल याचिका दायर कर उसे सीमित रखरखाव के बजाय वास्तविक समाधान पर जोर दिया है। किसी भी मामले में जब मशीन पर जांच की आवश्यकता होती है तो संबंधित अधिकारी को मशीन पर स्थिति देखने के निर्देश दिए जाते हैं। इस क्रम में नायब राहुल कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारी सौंपी गई है। नायब राहुल कुमार सिंह भी शांत, सरल और खुशमिजाज अधिकारी के रूप में क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। बताया जाता है कि जब भी किसी मामले की जांच की जिम्मेदारी होती है तो वह क्षेत्र में वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास करते हैं। जांच रिपोर्ट सब्जेक्ट के सामने प्रस्तुत करते हैं। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाता है। प्रशासनिक व्यवस्था में यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि किसी भी विवाद या याचिका का वास्तविक समाधान तब संभव होता है जब अधिकारी कागजी जानकारी के साथ-साथ मामले की वास्तविक स्थिति को भी समझते हैं। निज़ामाबाद तहसील में इस दिशा में क्षेत्रवासियों द्वारा प्रयास किया जा रहा है। जनता से सीधे संवाद निज़ामाबाद क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उपजिलाधिकारी अयान जैन के बाद सरकारी अधिकारी जब तक बात करते हैं तब तक अपनी नीति को लेकर लोगों में विश्वास कायम रहता है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार, तहसील के कार्यालय में केवल सरकारी भवन और उनके आवेदकों के समाधान का केंद्र बने, यही किसी भी सरकारी अधिकारी की बड़ी उपलब्धि है। अधिकारी द्वारा गंभीरतापूर्वक समस्या और संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की आवश्यकता है, लोगों को विश्वास है कि उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया गया है। जनता का विश्वास भी सार्वभौमिक व्यवस्था की सबसे बड़ी सुविधा है। जब आम नागरिक को यह महसूस होने लगा कि उसकी बात एकजुट होगी और उसके साथ मंत्रियों का व्यवहार होगा, तो प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम हो गई है। निज़ामाबाद में उपजिला अधिकारी अयान जैन की कार्यशैली इसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में दिखाई दे रही है। सरलता और शांत स्वभाव बना चर्चा का विषय बना हुआ है
अधिकारी की पहचान सिर्फ उनके पद से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार से होती है। अयान जैन के बारे में क्षेत्र में चर्चा है कि वह सरल हृदय और शांत स्वभाव के अधिकारी हैं। उनके व्यवहार में सहजता दिखाई देते हैं। आवेदक अपनी समस्या लेकर उनके सामने आ गए हैं तो वह पहले अपनी बात रिपोर्ट कर रहे हैं और उसके बाद उनके मामले की प्रकृति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए गए हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाली राजकोषीय घटनाएं, राजस्व मामले और विभिन्न संबंधित विषयों के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता है। इसके बावजूद जनता की समस्याओं को सुनने के लिए समय दिया जाता है और उनके समाधान की दिशा में अधिकारियों के कार्यकुशलता और जनप्रतिनिधित्व का प्रयास किया जाता है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि अधिकारी जनता के बीच सहजता से उपलब्ध रहें और लोगों को अपनी बात कहने का अवसर मिले तो कई प्रारंभिक स्तर पर हल हो सकते हैं। यही कारण है कि प्रमुख अयान जैन की तस्वीर को लेकर लोगों में सकारात्मक चर्चा है।
पूरी तहसील टीम की कार्यशैली की हो रही चर्चा निज़ामाबाद तहसील में इस सरकारी अधिकारी की टीम को लेकर भी क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। जनता के बीच यह चर्चा है कि तहसील में वैज्ञानिक अधिकारी अपने-अपने कार्मिकों को नौकरी पर बिठाकर काम कर रहे हैं। उनके बारे में जनता का कहना है कि वह मुद्दों को चुनने और आवश्यक प्राकृतिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। तहसील स्तर पर आने वाली विभिन्न प्रतिष्ठित हस्तियों की भूमिका महत्वपूर्ण है और इस जिम्मेदारी को लेकर क्षेत्र में उनकी प्रति सकारात्मक समीक्षा देखने को मिलती है। इसी क्रम में प्रस्तुति कलाकार रंजीत सिंह की कार्यशैली की भी लोग सराहना करते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधिकारी का व्यवहार और कार्य करना जनता के बीच उनकी पहचान संस्था है। वही नवागत क्रिएटर राहुल कुमार सिंह ने भी अपने काम से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। कम समय में ही उनके सरल और शांत स्वभाव की चर्चा क्षेत्र में होने लगी है। जनता के सहयोग को सिद्धांत, आवश्यकता के अनुसार सहयोगियों की जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की रिपोर्ट में उनका विश्लेषण महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नास्तिक साधु हरीश यादव की भी हो रही सराहना
निज़ामाबाद में धार्मिक मामलों से संबंधित जिम्मेदारी से संबंधित जिम्मेदारी निभाई जा रही है। प्रकृति के मामलों में साम्यता, धैर्य और कानूनी प्रक्रिया का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को अपनी पकड़ का मौका देना और उचित बात के आधार पर निर्णय प्रक्रिया को आगे बढ़ाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
के मांस न्यूज़ संजरपुर पत्रकार चंद्रशेखर यादव


















