तिकोनिया पार्क पर क्षत्रिय कल्याण परिषद का धरना, डीएम को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, सर्वण आयोग गठन की किया मांग

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तिकोनिया पार्क पर क्षत्रिय कल्याण परिषद का धरना, डीएम को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, सर्वण आयोग गठन की किया मांग

 

सुल्तानपुर

 

समस्त सवर्ण समाज, सुल्तानपुर के तत्वावधान में अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद, जनपद शाखा सुल्तानपुर की ओर से जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में तिकोनिया पार्क में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के प्रत्येक ब्लॉक से सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान तिकोनिया पार्क पर विभिन्न वक्ताओं ने बारी-बारी से सर्वण आयोग के गठन, एससी/एसटी एक्ट की समाप्ति, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू किए जाने तथा यूजीसी के कानून की वापसी संबंधी चारों मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

नारेबाजी करते हुए पहुंचे जिलाधिकारी कार्यालय

धरना-प्रदर्शन के उपरांत सभी कार्यकर्ता भारत माता की जय, सर्वण आयोग का गठन किया जाए, एससी/एसटी एक्ट पूर्णतया समाप्त किया जाए आदि नारे लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां परिषद के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारी सुल्तानपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, भारत गणराज्य को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन पत्रांक 03/26 दिनांक 21 अगस्त 2026 पर जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा हस्ताक्षरित है।

 

आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग

ज्ञापन में कहा गया है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात संविधान में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक व शैक्षणिक रूप से कमजोर वर्गों को समानता में लाने के उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था की गई थी, किंतु समयोपरांत आरक्षित वर्गों में ही एक विशेष वर्ग लाभ ले रहा है, जिससे समाज में विषमता बढ़ रही है। परिषद ने प्रमोशन में आरक्षण को नैसर्गिक न्याय के विपरीत बताते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता जताई।

 

चार सूत्रीय मांगें रखीं

परिषद ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के समक्ष निम्न मांगें रखीं

1.र्वण आयोग का गठन किया जाए

2.आरक्षण आर्थिक स्थिति पर लागू किया जाए

3.एससी/एसटी एक्ट पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए

4.यूजीसी का काला कानून वापस लिया जाए

 

एससी/एसटी एक्ट पर उठाए सवाल

ज्ञापन में एससी/एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बदलकर लाए गए नए अधिनियम को दुर्भावनापूर्ण बताया गया तथा कहा गया कि एफआईआर दर्ज कराने पर प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान फर्जी मुकदमे दर्ज कराने को प्रेरित करता है, जो समाज में विषमता की खाई को और बढ़ा रहा है।

संघर्ष जारी रखने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में परिषद ने कहा कि वह समान विचारधारा के संगठनों के साथ मिलकर अपनी मांगों के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा तथा महामहिम से इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।

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