जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र के इमामपुर गांव में आराजी नंबर 125, जो वर्तमान में नया नंबर 249 में परिवर्तित है, को लेकर करीब 40 वर्षों से विवाद चल रहा है। मामले से संबंधित मुकदमा डीडीसी (उप संचालक चकबंदी) न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, विवादित भूमि पर एक व्यक्ति द्वारा दबाव बनाकर नाली खुदवाने की योजना बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। आराजी नंबर 125 से संबंधित मामला माताफेर बनाम रामपलट के नाम से डीडीसी न्यायालय में लंबित है।
गांव निवासी छंगनलाल सोनी का आरोप है कि उनकी चकपरे की जमीन को कुछ लोगों ने कथित रूप से धोखे से नाली में परिवर्तित कर दिया। उन्होंने इस संबंध में न्यायालय में अपील दाखिल कर अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। फिलहाल मामले में न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
छंगनलाल सोनी का आरोप है कि इसके बावजूद गांव का एक व्यक्ति विवादित भूमि पर नाली खुदवाने के लिए संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहा है। उनका कहना है कि जब तक आराजी नंबर 125 का न्यायालय द्वारा अंतिम रूप से निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक विवादित भूमि पर किसी प्रकार का निर्माण या खुदाई नहीं कराई जानी चाहिए।
छंगनलाल सोनी ने अधिकारियों से न्यायालय के निर्णय का इंतजार करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि बिना न्यायालय के अंतिम निर्णय के नाली खुदवाने का प्रयास किया गया, तो वे जिलाधिकारी के समक्ष धरना देने को मजबूर होंगे।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों और दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।














