आजमगढ़ के कुख्यात इनामी बदमाश सचिन पांडे को एसटीएफ ने लखनऊ में मुठभेड़ में किया ढेर

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आजमगढ़ :- पुलिस के रिकॉर्ड में हत्या और लूट के 22 मुकदमों में नामित इनामी सचिन पांडेय डी -16 गिरोह का था सरगना

आजमगढ़ : लखनऊ में रविवार को एसटीएफ ने आजमगढ़ के इनामी कांट्रेक्‍ट किलर को मार गिराया। विभूतिखंड में एमिटी यूनिवर्सिटी के पास हुई मुठभेड़ में इनामी बदमाश सचिन पांडेय को गोली लगी। जिसके बाद उसे लोहिया अस्‍पताल लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बताया जा रहा है हत्या लूट रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में उसका एनकाउंटर किया जिसमें उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सचिन पांडेय पर आजमगढ़ पुलिस ने इनाम रखा था। वो शार्प शूटर था किसी गैंग के लिए काम नहीं करता था। जिससे हत्‍या की सुपारी मिलती थी उसके लिए काम करता था। वैसे आजमगढ़ पुलिस के रिकॉर्ड में सचिन पांडेय डी,16 गिरोह का सरगना था। सचिन पर हत्या, लूट रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज थे। यहां तक कि यूपी से लेकर बिहार तक सचिन पांडे कांट्रेक्‍ट पर हत्या करता था। एसटीएफ को मिली सूचना के बाद एमिटी यूनिवर्सिटी के पास उसे घेरा गया जहां उसने पुलिस पर गोली चला दी जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसे गोली लग गई। पुलिस सचिन को लोहिया अस्‍पताल लेकर गई जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सचिन को तीन गोली लगने का अनुमान लगाया गया है। शव की तलाशी में 27 हज़ार 500 रुपए मिले हैं। वहीं बॉडी को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
आजमगढ़ से सचिन पर घोषित 25 हजार रुपये का था ईनाम
निजामाबाद कस्बा के निवासी सचिन पांडेय पुत्र दिनेश पांडेय निजामाबाद थाना का हिस्ट्रीशीटर था। वह गैंग बनाकर हत्या व लूट की घटना को अंजाम देता था। पुलिस रिकार्ड में उसका गैंग डी 16 के नाम से पंजीकृत है। उसके गैंग में 11 सदस्य शामिल हैं। सचिन इसी वर्ष जुलाई में जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। शहर कोतवाली क्षेत्र में 17 सितंबर 2013 की रात को सीओ सिटी के हमराही आरक्षी रजनीश को भी गोली मारी थी। सचिन के खिलाफ 22 से अधिक मुकदमा दर्ज है ।