गाजीपुर। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद जनपद में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में 102 बाढ़ चौकियां स्थापित कर 102 मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 17 सचल चिकित्सा दल भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय किए गए हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चौकियों पर 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बाढ़ चौकी पर चिकित्सक के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामकुमार ने सैदपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित हथौड़ा ग्राम सभा और पटना ग्राम सभा में स्थापित बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों चौकियों पर चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, आशा कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद मिली। चौकियों पर आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता भी पाई गई। उन्होंने मौके पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया और वहां उपचार के लिए पहुंचे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया। मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। प्रभारी सीएमओ ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने और प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी सहायता पहुंचाने के लिए सभी बाढ़ चौकियों पर मेडिकल टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। जनपद के सभी 17 सचल चिकित्सकीय दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को उपचार के लिए परेशानी न हो और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं।
जय प्रकाश चंद्रा, ब्यूरो चीफ गाजीपुर

















