सैदपुर के दो गोआश्रय स्थलों के संचालन की जिम्मेदारी अनुभवी संस्थाओं को देने की तैयारी

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गाजीपुर। जनपद में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण और गोआश्रय स्थलों के बेहतर संचालन को लेकर प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। विकासखंड सैदपुर के ग्राम पंचायत मिर्जापुर एवं हसनपुर में संचालित अस्थायी गोआश्रय स्थलों के सुचारू संचालन के लिए पात्र एवं अनुभवी एनजीओ, ट्रस्ट, गोसेवा संस्थाओं, एफपीओ एवं पंजीकृत समितियों से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की गई है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार, वर्तमान में मिर्जापुर स्थित अस्थायी गोआश्रय स्थल में 107 तथा हसनपुर गोआश्रय स्थल में 58 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। दोनों स्थलों के संचालन के लिए इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा।

चयनित संस्था को गोआश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के संरक्षण, भरण-पोषण एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके साथ ही स्वच्छता, चारा-पानी, टीकाकरण एवं टैगिंग की समुचित व्यवस्था, गोबर एवं गौमूत्र आधारित उत्पादों का प्रबंधन, अभिलेखों का रख-रखाव तथा ऑनलाइन पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियों को अद्यतन करना होगा। संस्था को शासन की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का भी अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

पात्रता की तय की गई शर्तें

EOI के लिए संस्था का विधिवत पंजीकृत होना आवश्यक है। गोसंरक्षण, पशुपालन अथवा सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं को अनुभव के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। संस्था के पास पिछले तीन वर्षों के लेखा परीक्षण प्रतिवेदन उपलब्ध होने चाहिए। जहां लागू हो, वहां आयकर, जीएसटी एवं पैन पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है। संस्था के विरुद्ध कोई आपराधिक अथवा वित्तीय अनियमितता का प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए।

आवेदन के साथ पंजीकरण प्रमाण पत्र, संस्था का संविधान/उद्देश्य, अनुभव प्रमाण पत्र, पिछले तीन वर्षों के वित्तीय विवरण तथा न्यायालय शुल्क सहित शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।

इच्छुक संस्थाएं निर्धारित प्रारूप में अपनी रुचि की अभिव्यक्ति सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत कर सकती हैं। लिफाफे पर “EOI for Operation of Gau Ashray Sthal” अंकित करना होगा। प्रस्ताव 26 सितंबर 2026 की शाम पांच बजे तक मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गाजीपुर के विकास भवन स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे।

प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण चयन समिति द्वारा किया जाएगा। पात्र संस्थाओं को आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तुतीकरण के लिए भी आमंत्रित किया जा सकता है। अंतिम निर्णय चयन समिति द्वारा लिया जाएगा। चयनित संस्था को पशुपालन विभाग के साथ एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) करना होगा। निर्धारित नियम एवं शर्तों के आधार पर संस्था को तीन वर्षों तक गोआश्रय स्थल के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।

गोआश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण के लिए शासन द्वारा निर्धारित 50 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से मासिक रूप से संस्था को उपलब्ध कराई जाएगी। व्यवस्था में कमी अथवा निर्धारित निर्देशों के उल्लंघन की स्थिति में किसी भी समय संस्था से संचालन की जिम्मेदारी वापस ली जा सकती है। प्राधिकारी को किसी अथवा सभी प्रस्तावों को बिना कारण बताए निरस्त करने का अधिकार भी सुरक्षित रहेगा।

जयप्रकाश चंद्रा, ब्यूरो चीफ गाजीपुर

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