पूर्व सांसद उमाकांत यादव का बड़ा बयान उमाकांत दावा करते हुए कहा कि गांधी आश्रम की जमीन सन् 1992 से ही मेरे नाम का पट्टा है

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अम्बारी-आज़मगढ़:फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अम्बारी भीखपुर स्थिति लगभग20 से 25वर्ष पुराना गांधी आश्रम (गांधी ग्रामोदय आवास ) को लेकर युद्ध सा छिड़ा हुआ है, पूर्वांचल के राजनीति के जानी मानी हस्ती जौनपुर के मछलीशहर के पूर्व सांसद उमाकांत यादव का दावा है कि” सन 1992 से ही मेरे नाम का पट्टे की जमीन रही है मुझे साजिस के तहत बदनाम किया जा रहा है ।”वही कई दशक से उस पर गांधी आश्रम का भव्य आवास बना हुआ है,उस आश्रम का उपयोग भी गोदाम और आवास के रूप में गांधी आश्रम करता रहा लेकिन वही पूर्व सांसद का कहना है कि” हमने मकान किराये पर गांधी आश्रम को दिया था।” अचानक पिछले कुछ दिनो से रंगाई पोताई का कामशुरू हुआ क्षेत्र के लोग खुश हुए कि धुँधली पड़ी आवास में चमक आ जायेगी लेकिन रंगाई के बाद जो हुआ उसे देखकर पूरे क्षेत्र के लोग दंग से रह गए, हुआ यह कि, गांधी आश्रम के नामों की जगह “उमाकांत आवास” लिखा गया, फिर क्या विरोध का सिलसिला प्रशासन और गांधी आश्रम के तरफ से चला फिर पूर्व सांसद के खिलाफ fir हुआ और तहसीलदार नवीन प्रसाद ने पुलिस बल का प्रयोग करते हुए लिखें नाम की जगह कालिख पुतवा कर पुनः गांधी आश्रमअम्बारी लिखा दिए, जिसे सुनने के बाद पूर्व सांसद ने अम्बारी के प्रमुख पत्रकारों को अपने आवास पर अपने सनसाधन को भेजकर तत्काल आज यानी 8अक्टूबर को बुलाकर प्रशासन से न्याय माँगने की गुहार लगाई और आरोप लगाया कि “हम पर प्रशासनिक दबाव बनाकर मेरे साथ अन्याय किया जा रहा है।”प्रशासन इस मामले को लेकर सख्त हैं।शेष समाचार अगले अंक में वीडियो सहित,

.पट्टे की भूमि विवाद पर मीडिया के सामने बोले पूर्व सांसद उमाकांत यादव,
.पूर्व सांसद का दावा है कि” हमने गाँधी आश्रम को किराये पर दिया था
.पूर्व सांसद सबूतों का आधार बनाकर ,K MASS NEWS के सामने रखे सभी दस्तावेज,
.पूर्व सांसद सबूतों को न्यायालय में क्यो नहीं पेस करते
.प्रशासन ने किया कार्यवाही,मीडिया भी उपस्थित