बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत यादव व फूलन देवी की बहन रुक्मणी निषाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सपा के दामन थामा

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आजमगढ़/लखनऊ/उ0प्र0:पहली अक्टूबर से ही आज़मगढ़ की जनता के लिए चर्चा का जोरदार विषय बना था कि उनके लोकप्रिय नेता का सपा में वापसी हो रहा है, जिसे लेकर क्षेत्र मे खुशी का माहौल बना था,रामकांत यादव का आवास तो लालगंज क्षेत्र में है ,जो सुरक्षित सीट है ,लेकिन पूर्व सांसद जिस किसी दल में रहते है चुनाव जीत की गणित खुद के खुद उसी के तरफ बनना चालू हो जाता है,ऐसा इसलिए होता कि पिछडो के हक की लड़ाई के लिए कई बारआवाज़ उठाने वाले रामकांत ही है चाहें आरक्षण का विषय रहा हो या किसी के अन्याय का,जीजीएस न्यूज़24 आपको दिखाता है कि किस तरह अपने आज़मगढ़ के अम्बारी आवास से पूर्व सांसद निकले और लखनऊ तक जश्न का माहौल बना रहा,एक बार फिर बाहुबली रमाकांत यादव अपने समर्थकों के साथ रविवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता दिलाई। इस मौके पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे।रमाकांत यादव के साथ ही कई बसपा नेता भी अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो गए। इस दौरानअखिलेश यादव ने कहा कि रमाकांत यादव के आने से पार्टी को मजबूती मिली है।इस मौके पर फूलन देवी की बहन रुक्मण निषाद भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं।अखिलेश यादव ने मीडिया को संबोधित किया और कहा कि भाजपा शासन में देश की अर्थव्यवस्था रसातल की ओर जा रही है। नौजवानों के रोजगार जा रहे हैं यह चिंता की बात है। वहीं, राम मंदिर मसले पर अखिलेश यादव ने कहा कि जो भी कोर्ट का फैसलाहोगा वह मानेंगे।रमाकांत यादव ने पहली बार निर्दलीय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में आजमगढ़ जिले की फूलपुर विधानसभा सीट से 1985 में चुनाव लड़ा था. इसके बाद वह 1989 में भाजपा और सपा से 1991 और 1993 में विधायक निर्वाचित हुए. सपा से 1996 में पहली बार सांसद चुने गए. 1999 में भी सपा से सांसद रहे. 2004 में बसपा से सांसद चुने गए और 2009 में भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे. 2014 के चुनाव में मुलायम सिंह यादव से शिकस्त मिली.कांग्रेस से 2019 में भदोही लोकसभा सीट से संसदीय चुनाव लड़ा और हार गए.अब सपा से मैदान में,अभी भी जानता के दिल मे एक सवाल बना है कि आज़मगढ़ की सीट पुनः पूर्व सांसद के पास जाएगी ,क्या आज़मगढ़ की सीट को अखिलेश यादव छोड़ेंगे यह समय तय करेगा ।