आजमगढ़
लोक सुरक्षा और लोक शांति के मद्देनजर जिलाधिकारी न्यायालय ने शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही किया है भारतीय शस्त्र अधिनियम-1959 की धारा 17(3) के तहत विभिन्न मामलों में सात शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। वहीं एक अन्य मामले में लाइसेंसधारी की मृत्यु के बाद लाइसेंस को स्वत: समाप्त मानते हुए कार्रवाई समाप्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी न्यायालय ने पुलिस आख्या, संबंधित लोगों के आपराधिक इतिहास, शस्त्र और कारतूस के उपयोग समेत अन्य अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद 15 सितंबर 2026 को अलग-अलग आदेश पारित किए।
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के कमरावां गांव निवासी मो. आरिफ के राइफल और रिवॉल्वर के दो लाइसेंस निरस्त किए गए। पुलिस आख्या में उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमों के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे का भी उल्लेख किया गया है। शस्त्र खरीदने के बाद 150 कारतूस खरीदे जाने और केवल तीन कारतूस शेष होने की जानकारी भी आख्या में दी गई। हर्ष फायरिंग और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को आधार बनाते हुए दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए।
इसी तरह कोतवाली क्षेत्र के मनजीत उर्फ रंजीत सिंह का एनपीबी राइफल लाइसेंस निरस्त किया गया। उनके खिलाफ लखनऊ के जानकीपुरम थाने में दर्ज हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम से संबंधित मुकदमे का उल्लेख है। संबंधित राइफल वर्ष 2020 से जानकीपुरम थाने में जमा बताई गई है।
महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी मो. फैसल का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया। पुलिस आख्या में उनके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई आपराधिक मामलों और लाइसेंसी शस्त्र से फायरिंग किए जाने का उल्लेख किया गया।
बरदह थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो का डीबीबीएल गन लाइसेंस भी निरस्त किया गया। पुलिस अभिलेखों में उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमों के साथ आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज होने तथा इतिहासशीटर के रूप में दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव का एसबीबीएल गन लाइसेंस भी कार्रवाई की जद में आया। उनके खिलाफ वर्ष 2025 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने और आरोप पत्र न्यायालय भेजे जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस आख्या के अनुसार वर्ष 2003 से 2025 तक 125 कारतूस खरीदे गए, जिनमें 17 कारतूस शेष बताए गए।
फूलपुर थाना क्षेत्र के विशेसा गांव निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख के रिवॉल्वर लाइसेंस के मामले में कार्रवाई की गई थी। जांच के दौरान लाइसेंसधारी की चार सितंबर 2024 को मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने लाइसेंस को स्वत: समाप्त मानते हुए कार्रवाई समाप्त कर दी और लाइसेंस पंजिका में इसे निरस्त दर्ज करने तथा भविष्य में नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित लाइसेंसों के निरस्तीकरण का अंकन लाइसेंस पंजिका में करने तथा संबंधित शस्त्र कार्यालय और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शस्त्रों के दुरुपयोग, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और लोक सुरक्षा एवं लोकशांति को प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सब ब्यूरो चीफ़ महादेव यादव आजमगढ की रिपोर्ट


















