आजमगढ़। पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेन्द्र यादव के नेतृत्व में आज सुबह 9 बजे से 12 बजे तक पवई पावर हाउस पर अघोषित बिजली कटौती और बिजली विभाग में व्याप्त बेलगाम भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह किया गया।
किसान नेता विरेन्द्र यादव ने कहा कि पवई ब्लॉक के मिल्कीपुर गांव में बिजली का खम्भा और तार टूटने के कारण 11 दिनों से एक दर्जन परिवार अंधेरे में मोमबत्ती के सहारे जीवन जीने को मजबूर हैं। विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद आज तक खम्भा और तार ठीक नहीं किया गया। भीषण उमस भरी गर्मी में बिजली न मिलने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का जीना दूभर हो गया है। पूरा बिजली विभाग निरंकुश और संवेदनहीन हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पवई पावर हाउस पर बिजली विभाग द्वारा मनमाना अघोषित कटौती की जा रही है। बिजली के आने-जाने का कोई शेड्यूल नहीं है। सरकार कागजों पर ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है जबकि जमीनी हकीकत यह है कि पवई क्षेत्र में 8 घंटे भी ढंग से बिजली नहीं मिल रही है। किसान का ट्यूबवेल बंद है, छात्र पढ़ नहीं पा रहे हैं और मजदूर रात भर गर्मी में तड़प रहे हैं।
सत्याग्रह में शामिल किसानों ने चेतावनी दी कि तत्काल टूटा हुआ खम्भा और तार ठीक कर मिल्कीपुर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और पवई पावर हाउस का बिजली आपूर्ति शेड्यूल सार्वजनिक किया जाए। अगर 24 घंटे के अंदर व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो यह सत्याग्रह अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
सत्याग्रह में प्रमुख रूप से रामपाल गोंड, विकास सिंह, राम प्रकाश यादव, संजय सिंह, रामाज्ञा सिंह, चंद्र प्रकाश यादव, विपिन यादव, कमलेश सिंह, सूरज सिंह सहित दर्जनों किसान शामिल रहे।
रिपोर्ट दलसिगार संवाददाता पवई


















