आज़मगढ़ : प्राकृति तूफ़ान और ओला से आम की फ़सल हुई तबाह

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आजमगढ़/फरिहा आंधी और तूफान ने उड़ाई किसानों की नींद आबकी बार आम की फसल इतनी थी कि किसान दिन रात बागवानी करके आम की फसल को बचाने में लगे रहे समय से पानी व दवा का छिड़काव भी करते रहे यह सोच कर काफी खुश थे कि भगवान ने अबकी बार साथ दिया है आम की फसल बहुत अच्छी है़ लेकिन यह खुशी इनकी ज्यादा दिनों तक नहीं रह पाई अभी बीते दिनों इतने बड़ी साइज के पत्थर पड़े थे जो सम्भवतः अपने क्षेत्र में पहली बार हुआ था पत्थर तो कयी बार पड़े पर इतनी बड़ी साइज के नहीं।इस ओला वृष्टि से आम की फसल आधी से जादा बर्बाद हो गई अभी किसान इससे उबर भी नहीं पाये थे कि कल शाम को आई तुफान रुपी आंधी ने कहर ही बरपा दिया।सुबह आम के बगीचे में जाकर संजय सोनकर से नुकसान के बारे में जानकारी करना चाहे तो संजय रोने लगा बोला हम तो बर्बाद हो गये अब हमारे बगीचे से मालिक को देने भर रकम भी नहीं तैयार हो पायेगी सत्तर फीसदी आम की फसल भगवान को प्यारी हो चुकी है पांच बिगहे की बाग में से पन्द्रह कुंतल टिकोरा आंधी में गिर चुका है पूरी साल की मेहनत हमारी चकनाचूर हो गई अब तो हम परिवार के भरण-पोषण के लायक भी नहीं बचें है मिठाई लाल सोनकर ने रुहासे गले से कहा कि अब तो हमारा भगवान के ऊपर से भी विश्वास उठ चुका है क्योंकि सारी आपदाओं व बिपदाओ की मार गरीब व किसानों को ही झेलनी पड़ती है,