दोस्त ने मोबाईल फोन के चक्कर में अपने दोस्त को उतारा मौत के घाट

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फरीदाबाद – फरीदाबाद में 16 वर्षीय किशोर की हत्या उसके दोस्त ने ही की थी। किशोर का शव पांच मार्च की शाम झाड़ियों में पड़ा मिला था। मृतक की पहचान हरि नगर निवासी विवेक के रूप में हुई थी। किशोर की हत्या मोबाइल फोन का लॉक खुलवाने के चक्कर में की गई। दरअसल, मृतक विवेक का मंहगा मोबाइल देखकर आरोपी के मन में लालच आ गया। इस कारण उनसेग्रेटर विवेक की हत्या कर दी। मात्र चार दिन पहले ही दोनों की दोस्ती हुई थी।
क्राइम ब्रांच सेक्टर 85 प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुमेर सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान गांव पिपैहरा उत्तर प्रदेश निवासी मोनू के रूप में हुई है। वह फिलहाल बसेलवा कॉलोनी ओल्ड फरीदाबाद में किराये के मकान में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह करीब 6 महीने से अपनी मौसी के बेटे संदीप के साथ बसेलवा कॉलोनी में किराये के कमरे में रह रहा है। आरोपी ओल्ड फरीदाबाद व नहर पार के आस पास ई- रिक्शा चलाता है।

28 फरवरी को आरोपी मोनू अपने ई- रिक्शा में सामान लेकर ग्रेटर फरीदाबाद अमोलिक चौक के पास सेक्टर 87 में आया था। यहां उसकी मुलाकात विवेक से हुई। उस समय विवेक ने मोनू से कहा कि वह कोई काम सीखने के लिए गोपी कॉलोनी जा रहा है। आपका कोई जानकार हो तो उसका काम लगवा दो। इसी दौरान विवेक ने मोनू से कहा कि उसने अपने मोबाइल फोन पर लॉक लगाया था और वह उसका पासवर्ड भूल गया। मोनू ने उससे फोन दिखाने को कहा। विवेक ने मोनू को अपना मोबाइल फोन दिखाया जो दिखने में काफी अच्छा था। मोबाइल फोन को देखकर मोनू के मन में लालच आ गया। मोनू ने मोबाइल फोन का लॉक खोलने का बहाना बनाकर मोबाइल अपने पास रख लिया। कुछ देर में उसने मोबाइल को बंद कर दिया और उसकी सिम तोडकर रास्ते मे फेंक दी। तीन दिन तक विवेक और मोनू ई- रिक्शा में ही साथ साथ रहे। तीन मार्च को विवेक ने अपना मोबाइल फोन मांगा, जिस पर मोनू ने कहा कि फोन को लॉक खुलवाने के लिए दुकान पर दे रखा है। शाम तक मिल जाएगा। शाम करीब 8 बजे मोनू ने विवेक को सेक्टर 28/29 चौक पर उतरने के लिए कहा। विवेक ने कहा कि उसे कल गांव जाना है, इसलिए उसे अपना मोबाइल आज ही चाहिये। मोनू ने विवेक को काफी टरकाने की कोशिश की, लेकिन विवेक मोबाइल लेने की जिद करने लगा और रिक्शा से नहीं उतरा। मोनू ने सोचा कि विवेक उसे मोबाइल फोन की चोरी के मामले में फंसा देगा। मोनू ने विवेक को फोन देने का बहाना बनाकर रिक्शा से नहर के साथ वाले रास्ते पर लेकर चल दिया।
कुछ दूर जाकर मोनू ने लघुशंका का बहाने सड़क किनारे रिक्शा रोका और विवेक से भी उतरने के लिए कहा। दोनों लघुशंका के लिए झाड़ियों की तरफ चले गए। इसी दौरान मोनू ने पत्थर उठाकर विवेक के सिर में दे मारा। विवेक की चीख निकली और वह जमीन पर गिर पड़ा। मोनू ने विवेक का मुंह दबा दिया और वहां पड़े पत्थर विवेक के सिर पर वारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने विवेक के पैर पकड़कर उसे पानी फेंक दिया और फरार हो गया। क्राइम ब्रांच ने आरोपी को 9 मार्च को काबू कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान मृतक विवेक का मोबाइल फोन, वारदात में प्रयोग ई रिक्शा बरामद कर उसे बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
रिपोर्टर – अभय गिरी