विकास खण्ड अहरौला के ग्राम जजउपुर, ग्राम पंचायत कल्याणपुर के प्रधान द्वारा मनरेगा एवं ग्राम निधि मे गबन

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आजमगढ़ /फूलपुर (अहिरौला) :- ब्लाक अंतर्गत ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गयी कि ग्राम जजउपुर, ग्राम पंचायत कल्याणपुर विकास खण्ड अहरौला के प्रधान द्वारा मनरेगा एवं ग्राम निधि में गबन

किया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने उक्त के संबंध में जांच करायी गयी, जिसमें पाया गया कि झिमलिहवा में कालीजी के स्थान से बृजभान के घर तक खड़ंजा मरम्मत कार्य में सामग्री व मजदूरी में 45709.53 रू0 अधिक का भुगतान कर सरकारी धन का दुरूपयोग किया गया। रामदरस के घर से पोखरी तक खड़ंजा निर्माण में 120178 रू0 के सरकारी धनराशि का दुरूपयोग किया गया है। अमरजीत के घर से आरसीसी तक खड़ंजा निर्माण कार्य में 1790 रू0 का अधिक भुगतान किया गया है। लखपति के घर के पीछे खड़ंजा से नरफोर सरहद तक खड़ंजा निर्माण कार्य में 7160 रू0 की धनराशि का दुरूपयोग किया गया। लखपति के घर के पीछे से हनुमान के घर तक खड़ंजा निर्माण कार्य में 2134 पैसे की धनराशि का दुरूपयोग किया गया एवं ग्राम पंचायत कल्याणपुर में 15 अदद लगायी गयी सोडियम के मरम्मत कार्य में 28110 रू0 की धनराशि का फर्जी भुगतान कर धनराशि व्यय किया गया है। उक्त कार्य चतुर्थ राज्य वित्त एवं 14वें राज्य वित्त से कराया गया है।
उपरोक्त किये गये निर्माण कार्याें में रू0 205081.53 की धनराशि प्रधान ग्राम पंचायत कल्याणपुर, संबंधित सचिव एवं तकनीकी सहायक तथा संबंधित अवर अभियन्ता द्वारा दुरूपयोग की गयी। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित सचिव, तकनीकी सहायक एवं संबंधित अवर अभियन्ता के विरूद्ध उत्तर प्रदेश पंचायती राज ऐक्ट की धारा-95 (1) छः के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये हैं। इसी के साथ ही प्रधान ग्राम पंचायत कल्याणपुर के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये हैं।
इसी के साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत किया गया कि ग्राम पंचायत सरगहा सागर विकास खण्ड हरैया में खड़ंजा मरम्मत, पोखरी खुदाई एवं जीर्णाेद्धार, इण्टरलाॅकिंग, शौचालय निर्माण, सीसी रोड आदि कार्याें में वित्तीय अनियमितता की गयी है। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा उक्त कार्याें की जांच हेतु जिला स्तरीय कमेटी बनायी गयी है, जिसमें अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत एवं अवर अभियन्ता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को जांच हेतु नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये हैं कि उपरोक्त वर्णित कार्याें की स्वयं जांच कर बिन्दुवार जांच आख्या 15 दिन के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।