नवाचारी एवं उत्कृष्ट शिक्षण कार्यों के लिए सन्तोष कुशवाहा को मिला राज्य अध्यापक पुरस्कार

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गाजीपुर। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट, नवाचारी एवं अनुकरणीय कार्यों के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या मनिहारी, शिक्षा क्षेत्र मनिहारी के प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं विज्ञान शिक्षक सन्तोष कुशवाहा को प्रतिष्ठित राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से जनपद गाजीपुर के शिक्षा जगत में हर्ष का वातावरण है। शिक्षकों, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने सन्तोष कुशवाहा को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सन्तोष कुशवाहा ने विज्ञान शिक्षक के रूप में लंबे समय से गतिविधि एवं प्रयोग आधारित शिक्षण को प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा विकसित करने का निरंतर प्रयास किया। उन्होंने बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रयोग, गतिविधियों और नवाचारों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया। इससे विद्यार्थियों में विषयों को समझने के साथ-साथ सवाल पूछने, नए प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित हुई।
उनके निर्देशन में विद्यालय के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, विज्ञान प्रदर्शनी, नवाचार आधारित गतिविधियों तथा विभिन्न शैक्षिक प्रतियोगिताओं से जोड़ा गया। इन मंचों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिले। उनका प्रयास रहा कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चे भी किसी प्रकार स्वयं को सीमित न समझें और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए। विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। स्काउटिंग, खेलकूद, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सहयोग की भावना, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी तथा सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया।
सन्तोष कुशवाहा का मानना रहा है कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान देने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, प्रभावी और बाल-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। उनके प्रयासों से विद्यालय के विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिला। राज्य अध्यापक पुरस्कार सन्तोष कुशवाहा के शैक्षिक समर्पण, नवाचारी सोच, प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धति तथा विद्यार्थियों के हित में किए गए सतत प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है। इस सम्मान से जनपद के शिक्षक समुदाय में भी उत्साह और गर्व का वातावरण है। शिक्षकों एवं अभिभावकों का कहना है कि, सन्तोष कुशवाहा की उपलब्धि अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी है और इससे परिषदीय विद्यालयों में नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। सम्मान प्राप्त करने के बाद सन्तोष कुशवाहा ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने विद्यार्थियों, सहयोगी शिक्षकों, अभिभावकों एवं शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि, यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों की पहचान है। उन्होंने कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार उन्हें भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर एवं नवाचारी कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। सन्तोष कुशवाहा की इस उपलब्धि पर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जय प्रकाश चंद्रा, ब्यूरो चीफ गाजीपुर

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