महिला सहायता प्रकोष्ठ की पहल से सुलझे तीन दांपत्य विवाद, गिले-शिकवे भूल फिर साथ हुए दंपती

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गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र द्वारा पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार को पति-पत्नी के विवाद से संबंधित कुल 27 प्रकरणों की सुनवाई की गई। परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याओं और मतभेदों को समझा। इस दौरान काफी समय से विवादित चल रहे तीन मामलों में दोनों पक्षों के बीच सफलतापूर्वक मध्यस्थता कराई गई। बिना किसी दबाव के पति-पत्नी ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। इसके बाद तीनों दंपतियों की राजी-खुशी सकुशल विदाई कराई गई। अन्य चार प्रकरणों में कुशलता के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि छह मामलों में विधिक सुझाव देते हुए पत्रावली का निस्तारण किया गया। पांच प्रकरणों में दोनों पक्षों के उपस्थित न होने के कारण पत्रावली बंद कर दी गई। शेष मामलों में अभी मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर अगली तिथि निर्धारित की गई। परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को आपसी संवाद, समझ और मध्यस्थता के जरिए सुलझाकर परिवारों को टूटने से बचाना है। तीन दंपतियों के बीच समझौता होने के बाद उनके परिवारों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला।
इस पूरी कार्रवाई में विक्रमादित्य मिश्रा, वीरेंद्र नाथ राम, कमरुद्दीन, अनीता यादव, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सोनाली, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, महिला आरक्षी संध्या, महिला आरक्षी अभिलाषा तथा आरक्षी शिव शंकर यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जयप्रकाश चंद्रा, ब्यूरो चीफ गाजीपुर

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