जौनपुर/धर्मापुर BDO ने जाति-सूचक शब्दों से अपमानित कर पत्रकारों पर दर्ज कराया फर्जी मुकदमा

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जौनपुर/चुनाव के पावन पर्व पर आचार संहिता के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक राजकरण नैयर की चुस्ती और मुस्तैदी का अद्भुत नजारा 7 अप्रैल 2021 को धर्मापुर विकास खंड के परिसर में देखने को मिला। जहां ब्लॉक परिसर में संबंधित अधिकारियों के तामीरदारो की ब्लैक फिल्म लगी बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रही थी । मौके पर पहुंचे पत्रकार अनिल आर्या तथा चंदन मिश्रा के द्वारा खबर के मकसद से वीडियो बनाना संबंधित BDO अधिकारी और उनके नुमाइंदों को नागवार लगा। क्षेत्रीय पुलिस तथा ब्लॉक अधिकारियों की जुगलबंदी का आलम यह रहा कि मौके पर सहकर्मियों को उसकाकर निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे पत्रकारों की राह में रोड़ा डाला गया तथा उन्हें विकास खंड अधिकारी शकुंतला सिंह और उनके सहयोगी के द्वारा जातिसूचक शब्दों का इस्तमाल करते भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए मारने के लिए दौड़ाया गया। पुलिस के द्वारा बीच बचाव करके मामले को रफा-दफा किया गया तत्पश्चात अपनी निकृष्टता पर चादर पोशी की आदी पुलिस ने महिला BDO के सहयोग से ब्लॉक में निष्पक्ष रुप से व्याप्त भ्रष्टाचार को लगातार उजागर कर रहे पत्रकारों को सबक सिखाने हेतु तहरीर लेते हुए फर्जी और मनमर्जी तौर पर विभिन्न धाराओं में दो ज्ञात तथा तीन अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जबकि वहीं पीड़ित पत्रकार ने पुलिस कप्तान जौनपुर को पत्रकारीता का हनन व Sc/St अधिनियम के तहद तरहीर के द्वारा मुक़दमा दर्ज कर निष्पक्ष न्याय की माँग की है। जनपद के आला अधिकारी निष्पक्ष चुनाव में सहभागिता की आस और जनमानस को बेखौफ होकर निष्पक्ष रुप से मतों का उपयोग करने की बात बता रहे हैं तो वही उनके मातहत अपनी घिनौनी मानसिकता को बल देते हुए अपराध और भ्रष्टाचारियों का खुला सहयोग प्रदान कर रहे हैं जिसके अंतर्गत ब्लॉक परिसर में बेखौफ खड़ी स्कॉर्पियो का प्रवेश और पत्रकारों की उपस्थिति में सकुशल बगैर किसी विधिक कार्यवाही के पुलिस सहयोग से भगा देना किसी बड़े भयावह षड्यंत्र की ओर इशारा करता है। जिसके अंतर्गत आचार संहिता की खुली धज्जी उड़ाने वाले खड़यंत्र कारियों ने पत्रकारों के ऊपर मनगढ़ंत आरोप लगाया। जिसे लेकर पत्रकारों के साथ-साथ जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है