निज़ामाबाद कूड़े कचरे से जीवनदायिनी बघारी नदी का अस्तित्व खतरे में

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आज़मगढ़ :निज़ामाबाद कूड़े कचरे से जीवनदायिनी बघारी नदी का अस्तित्व खतरे में .भूमाफिया नदी को लगा रहे पलीता. फरिहा एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री पूरे देश को गंदगी और प्रदूषण से बचाने के लिए एक मिशन चला रहे हैं और लाखों रुपए पानी की तरह बहाया जा रहा हो तो वहीं दूसरी ओर हम आपको एक ऐसी नदी के बारे में बता रहे हैं जहां क् सरकार के सभी प्रयासों को ठेंगा दिखा रहा है जी हां क्षेत्र की बघारी नदी जो अपने आप में ऐतिहासिक है क्षेत्र की सभी नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है परंतु बघारी नदी ही एक ऐसी नदी है जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है भले ही इसका बहाव क्षेत्र 10 किलोमीटर से कम हो परंतु अपने आप में यह नदी विलक्षण है ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि अवंतिका पुरी से निकली bagheri नदी कई गांव के मैदानी क्षेत्रों से होकर टोंस नदी में मिलती है कुछ वर्ष पूर्व लोग इस नदी से पीने का पानी भरते थे लेकिन अब यह नदी दुर्व्यवहार की शिकार हो गई है नदी हूं या इसके घाट सभी उपेक्षा के शिकार हैं जन जागरूकता के बाद भी गंदगी की भरमार है भू माफियाओं ने अतिक्रमण कर अपने अपने व्यवसायिक संस्थान व आशियाने बनाने शुरू कर दिए हैं फिर भी स्थानीय प्रशासन ने रोकथाम के उपाय नहीं किए हैं जो उपेक्षित होने के कारण खराब हालत में पहुंच रहे हैं ऐतिहासिक नदी का अस्तित्व खतरे में होने के कारण बुद्धिजीवी वर्गों में स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश है