अस्पताल में आपरेशन के बाद प्रसूता की मौत संचालक हॉस्पिटल छोड़कर भागा

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  अहरौला थाना क्षेत्र के रसूलपुर अहमद अली गांव में संचालित झोलाछाप के अस्पताल में डिलवरी के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने से मौत हो गई।जानकारी होने पर स्वजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया जिसे देख अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ फरार हो गए।सूचना पर थानाध्यक्ष अहरौला मंतोष सिंह चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामे को शांत कराया।रात नौ बजे के बाद मुख्यचिकित्साधिकारी आजमगढ़ के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा आलेंद्र कुमार स्वास्थ विभाग की टीम के साथ पहुंचे और अस्पताल को सील कर दिया।

 

पवई थाना क्षेत्र के नाटी गांव निवासी ओमकार मौर्य अपनी 23 वर्षीय पत्नी करिश्मा को रसूलपुर अहमद अली गांव स्थित शाहनाज मेमोरियल चिकित्सालय में बुधवार को डीलवरी के लिए लेकर आया।तो वहां के चिकित्सक ने उसकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कर लिया और कहा कि इनकी बच्चेदानी में गांठ है और आपरेशन से ही बच्चा पैदा होगा और प्रसूता को भर्ती कर लिया।उसके एक दिन बाद गुरुवार को सुबह तीन बजे बाहर से चिकित्सक बुलाकर आपरेशन करवाया और बच्ची की पैदाइश हुई।शाम को प्रसूता की हालत खराब हुई तो चिकित्सक ने यह कहा कि खून की कमी है उसे बाहर से लाना होगा उसके बाद जौनपुर जिले के शाहगंज से खून लाया गया और उसे रात भर चढ़ाते रहे।शुक्रवार सुबह प्रसूता ने अपने पति को बताया कि उसके पेट में दर्द हो रही तब उसके पति ने चिकित्सक से यह बात बताई तो चिकित्सक इंजेक्शन और दवा देकर कहे कि एक दो घंटे में दर्द बंद हो जाएगी।स्वजन चिकित्सक से बार बार कहते रहे कि मेरे मरीज की स्थित खराब हो रही।शाम पांच बजे जब प्रसूता का हाथ पैर ठंडा ही गया तो उसे अन्य अस्पताल के लिए रेफर किया गया।स्वजन उसे फूलपुर के ताहिर मेमोरियल हॉस्पिटल ले ही जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।मौत होते ही स्वजन आक्रोशित हो गए स्वजनों के गांव के सैकड़ों लोग जुट गए।और शव को शहनाज मेमोरियल चिकित्सालय के गेट पर रखकर हंगामा शुरू कर दिए और अस्पताल संचालक पर कार्यवाही की मांग करने लगे।सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल और थानाध्यक्ष अहरौला मन्तोष सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्वजनों को अस्पताल संचालक पर कार्यवाही का आश्वाशन दिया।देर रात अस्पताल के सील होने के बाद भी स्वजन और ग्रामीण अस्पताल को बुलडोजर से गिराने और दोषी चिकित्सक की गिरफ्तारी पर अड़े रहे और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का विरोध कर रहे थे।उसके बाद अन्य थानों की पुलिस भी पहुंच गई और रात करीब डेढ़ बजे हल्का बल प्रयोग करके शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

 

इस संबंध में थानाध्यक्ष अहरौला मंतोष सिंह का कहना है कि मृतिका के पति की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है आरोपित चिकित्सक दंपत्ति की तलाश में पुलिस लगी है जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अहरौला से संवाददाता संतोष मिश्रा उर्फ सोनू की रिपोर्ट

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