लाइव स्ट्रीमिंग के द्वारा 200 किसानों को नेचुरल फार्मिंग के लिए किया गया प्रशिक्षित

0
114

जौनपुर सुईथाकला- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम के तहत करीब 200 किसानों को नेचुरल फार्मिंग (प्राकृतिक खेती)  के लिए प्रशिक्षित किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ राकेश चंद्र तिवारी ने ब्लॉक सभागार में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित कार्यक्रम प्राकृतिक खेती पर आधारित राष्ट्रीय कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर  विशेष बल देना चाहिए ताकि उत्पादन को बढ़ाने के लिए उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग को रोका जा सके और समाज को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। प्रमुख प्रतिनिधि ने किसानों से अपील किया कि खेतों में रसायनों का प्रयोग न  करें तभी हमारा परिवार और समाज स्वस्थ हो सकता है। इस कार्यक्रम से देश का किसान आत्मनिर्भर बनेगा। गांव समाज तथा देश को आगे बढ़ाने के लिए हमें अपने योगदान देने चाहिए। उन्होंने कहा कि उर्वरक उत्पादन तो बढ़ाते हैं लेकिन हमारी शरीर को विभिन्न प्रकार से नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए हमें उर्वरकों और रसायनों के प्रयोग से बचना चाहिए। सहायक विकास अधिकारी  कृषि मिथिलेश सिंह ने बताया कि नेचुरल फार्मिंग के द्वारा पारिस्थितिक तंत्र शुद्ध होगा तथा देश आत्मनिर्भरता की तरफ अग्रसर होगा।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाइव स्ट्रीमिंग द्वारा नेचुरल फार्मिंग के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया गया जिसका उद्देश्य नेचुरल फार्मिंग( परंपरागत खेती) को बढ़ावा देना है। एडीओ ने बताया कि प्राकृतिक खेती परंपरागत खेती का हिस्सा रही है जिसे लोग भूलते जा रहे हैं और उर्वरकों तथा कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती गोमूत्र और गोबर पर आधारित है जिसे जीरो बजट फार्मिंग पद्धति के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसमें किसान का निवेश एक रुपए भी नहीं होता है । सहायक विकास अधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत  लगभग 200 किसानों को प्रशिक्षित किया गया। मौके पर मदन कुमार, सौरभ कुमार ,मनोज कुमार, श्री प्रकाश उपाध्याय ,बुद्धन राम बिंद ,राकेश वर्मा आदि मौजूद रहे।

सब ब्यूरो चीफ हीरा मणि गौतम की रिर्पोट