माहुल की सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटवाने में प्रशासन विफल नाले नालियां जाम राजस्व विभाग उदासीन कब्जाधारकों पर कार्यवाही के नाम पर सिर्फ हो रही खानापूर्ति

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माहुल(आजमगढ़)। नगर पंचायत माहुल के वार्ड नं0 तीन में नाले की भूमि पर अवैध कब्जा होने के कारण जलनिकासी पूरी तरह बाधित है। जिसके कारण नाले का गंदा पानी कालोनी में फैल रहा। सब कुछ जानने के बाद भी फूलपुर तहसील प्रशासन अवैध कब्जा हटवाने और कब्जाधारकों पर कार्यवाही के बजाय कागजी खानापूर्ति में लगा है नगर पंचायत माहुल के वार्ड नं0 तीन गांधीनगर में नई आबादी में 40 कड़ी चौड़ा नाला है जिसके माध्यम से इस कालोनी के अलावा अन्य मोहल्लों की जलनिकासी इसी नाले के माध्यम से कई वर्षों से चली आ रही है। दूसरा 30 कड़ी चौड़ा नाला यहां के काली चौरा मन्दिर प्रांगण से निकल कर फूलपुर रोड को पार करते हुए खंदक में मिलता है। वर्तमान में इन दोनों नालों की स्थिति यह है कि प्लाटरों द्वारा इन दोनों नाले की सरकारी भूमि की प्लाटिंग कर बेच दिया गया और उसपर मकान आदि बनवा कर अवैध कब्जा करा दिया गया।जिसके कारण जलनिकासी पूरी तरह से बाधित हो गई और इसके बाधित होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी कालोनी में घुस रहा और इसकी सड़ांध और बदबू से संक्रामक रोग का खतरा उत्पन्न हो रहा।नागरिकों की समस्याओं को देखते हुए एक जनवरी 2024 को भाजपा लालगंज के तत्कालीन जिला मंत्री दिलीप सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से लेकर उपजिलाधिकारी तक को शिकायती पत्र दिया और अवैध कब्जा हटवाने की मांग किया। इसी तरह माहुल के अन्य समाजसेवियों ने इस समस्या से निजात के लिए तहसील प्रशासन से अनुरोध किया। उसके बाद इन दोनों नाले की भूमि की नापी भी राजस्व विभाग द्वारा टीम बना कर की गई। मापी में इन दोनों जमीनों पर अवैध कब्जा पाया भी गया।उसके बाद मापी करने वाली टीम ने इसकी रिपोर्ट भी तहसील के आलाधिकारियों को दिया। इसके बावजूद भी एक साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी राजस्व विभाग कब्जा हटवाने और नाले की भूमि को बेचने के दोषी लोगों पर कार्यवाही करने के बजाय कागजी खाना पूर्ति में लगा हुआ है।अभी हाल में ही दो जून को यहां के लेखपाल सौरभ राय द्वारा एक जमीन के अवैध प्लाटिंग के कारोबारी पर अभियोग दर्ज करने के लिए अहरौला पुलिस को शिकायती पत्र भी दिया।लेकिन उक्त प्लास्टर के रसूख के आगे राजस्व विभाग नतमस्तक हो कर चुप्पी साध लिया उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार का कहना है कि अतिक्रमण और मुकदमा दर्ज के मामले में लेखपाल और कानूनगो से आख्या लेकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

अहरौला से संवाददाता शर्मिला की रिपोर्ट

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