
सचिव संतोष कुमार दुबे (फाइल फोटो )
महराजगंज ब्लॉक में 15 साल से जमे संतोष दुबे पर अनियमितता के मुकदमे हैं दर्ज
महाराजगंज, जौनपुर
जिले के महराजगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष दुबे पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन ग्राम पंचायत सवंसा का परिवार रजिस्टर जैसे जरूरी सरकारी दस्तावेज को अवैध रूप से निजी व्यक्ति के पास रखवाने का आरोप है। इससे लोगों के निजी डेटा की गोपनीयता भंग हो रही है। साथ ही, वे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर रिश्वत भी लेते हैं।संतोष दुबे पर पंचायती राज नियमों और शासकीय गोपनीयता अधिनियम का खुला उल्लंघन करने का आरोप है। उन्होंने परिवार रजिस्टर को दूसरे गांव में एक अनाधिकृत निजी व्यक्ति के पास रखवाया है। यह निजी व्यक्ति इस सरकारी रजिस्टर का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। इस गंभीर कृत्य से ग्राम सभा के नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता खतरे में है। इससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गलत एंट्री होने की आशंका है।इस गैर-कानूनी काम के वीडियो सबूत और जियो-टैग वाली तस्वीरें उपलब्ध हैं। ये सबूत दिखाते हैं कि सरकारी अभिलेख किस स्थान पर और किसके संरक्षण में अवैध रूप से रखा गया था। शिकायतकर्ता के पास इन आरोपों के पुख्ता प्रमाण हैं।
संतोष दुबे पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए हस्ताक्षर करने के नाम पर 1000 से 2000 रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। उसके खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। नाली, चक रोड, शौचालय, आवास और इंडियामार्का हैंडपंप रीबोर जैसे कई कामों में भी अनियमितताएं मिली हैं। उसके पास आय से ज्यादा संपत्ति है, जिसमें जौनपुर में कई मकान और प्लॉट शामिल हैं।संतोष दुबे 15 साल से ज्यादा समय से महाराजगंज ब्लॉक में ही तैनात हैं। एक बार ट्रांसफर होने के बाद भी वह एक साल के अंदर दोबारा इसी ब्लॉक में आ गए। अब देखना होगा कि प्रशासन ऐसे भ्रष्ट और लापरवाह ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार दुबे के खिलाफ क्या कदम उठाता है।














