विशुनपुर में अंबेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, बौद्ध मेले में दिखी जागरूकता की मिसाल

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जौनपुर – जिले के विशुनपुर गांव में अंबेडकर जयंती इस बार एक नए उत्साह और जोश के साथ मनाई गई। यह आयोजन सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता, एकता और अधिकारों की बात को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन गया। बौद्ध मेले के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र में एक अलग ही ऊर्जा भर दी।

इस भव्य आयोजन की अगुवाई शिवनाथ परदेशी ठेकेदार ने की। आयोजन मंडल के उपाध्यक्ष दिवेनी लाल वैद, सचिव अजीत कुमार ‘पप्पू’ और कोषाध्यक्ष भारत के साथ उनकी टीम ने पूरे समर्पण के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ओम प्रकाश, सूरज कुमार, पिन्दू, दिलीप कुमार, राहुल, हीरालाल, संतोष टेलर, कन्हैया लाल, सिकंदर, विक्टर एव और मिथिलेश जैसे कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को मजबूती दी।
सलाहकार मा० सेवक राम सेवक और मा० लम्बराज के मार्गदर्शन के साथ संरक्षक अयोध्या प्रसाद और तीर्थराज दारापुरी एवं समस्त ग्रामवासियों का सहयोग कार्यक्रम की सफलता का आधार बना।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जज बी.डी. नक़बी की उपस्थिति रही, जिन्होंने बाबा साहब के विचारों को आज के समय में बेहद प्रासंगिक बताया। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. लाल बहादुर सिद्धार्थ, डॉ. राजेश कुमार, शाहगंज विधानसभा प्रभारी जुल्फेकार अहमद, ब्लॉक प्रमुख बृजेश कुमार यादव और आम आदमी पार्टी के विनोद कुमार प्रजापति सहित कई गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. लाल बहादुर सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहब ने हमें जो अधिकार दिए हैं, उनका सही उपयोग ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने वोट की ताकत को समझें और समाज के विकास के लिए सही दिशा में उसका उपयोग करें।
वहीं महिला समाजसेवी ऊषा अंबेडकर ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बराबरी और सम्मान के लिए महिलाओं को भी आगे आना होगा। उन्होंने फातिमा शेख और ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करते हुए शिक्षा और जागरूकता पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि बी.डी. नक़बी ने युवाओं को बाबा साहब के मार्ग पर चलने और संगठित होकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। मिशन गायकों और कलाकारों ने अपने गीतों और प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा साहब के जीवन और उनके संघर्षों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण भावनात्मक और प्रेरणादायक बन गया।
विशुनपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों से आए लोगों की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि बाबा साहब के विचार आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम हैं।
अंततः यह अंबेडकर जयंती समारोह एक संदेश देकर समाप्त हुआ कि जब समाज जागरूक होता है, तो बदलाव निश्चित होता है।

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