उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फ़र्ज़ी प्रमाण पत्र के आधार पर हासिल किया पेट्रोल पम्प,कोर्ट ने दिया जाँच का आदेश

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लखनऊ :उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya ) पर कथित फर्जी डिग्री के आधार ( alleged fake degree) पर पेट्रोल पंप की डीलरशिप लेने और चुनावों के नामांकन के समय कथित झूठा हलफनामा दाखिल करने के आरोपों की जांच के लिए यहां की स्थानीय अदालत ने बुधवार को कैंट थाना को प्रारंभिक जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया.

सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर नाथ त्रिपाठी का आरोप है कि केशव प्रसाद मौर्य ने वर्ष 2007 में शहर पश्चिमी विधानसभा चुनाव और इसके बाद के कई चुनावों में नामांकन के समय दाखिल हलफनामा में हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का उल्लेख किया और इन्हीं कागजातों के आधार पर इंडियन आयल से पेट्रोल पंप हासिल किया.सामाजिक कार्यकर्ता ने यह आरोप भी लगाया है कि आरटीआई के तहत इंडियन ऑयल से प्राप्त केशव प्रसाद मौर्य की स्नातक की डिग्री की प्रति में द्वितीय वर्ष का रोल नंबर किसी मंजू सिंह के नाम दर्ज है, जबकि तृतीय वर्ष का रोल नंबर केशव प्रसाद मौर्य के नाम पर है.