करीब 25 शिकायतों, बार-बार सर्विस और पार्ट बदलने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप
सुलतानपुर
नई रॉयल एनफील्ड बुलेट खरीदने वाले उपभोक्ता दिनेश कुमार सिंह को वाहन खरीदने के बाद से ही ब्रेक की समस्या ने लगातार परेशान कर दिया। दिनेश कुमार सिंह के अनुसार उन्होंने 6 मार्च 2025 को सौरव ऑटोमोबाइल्स, अकबरपुर से रॉयल एनफील्ड बुलेट मिलिट्री ब्लैक 350 खरीदी थी। लेकिन बाइक खरीदने के तुरंत बाद से ही ब्रेक को लेकर समस्या सामने आने लगी।
दिनेश कुमार सिंह का आरोप है कि नई बाइक की ब्रेक जैसी महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था में बार-बार खराबी आने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कंपनी और सर्विस सेंटर को करीब 25 बार शिकायत की। इसके बावजूद समस्या बनी रही।
नई गाड़ी में बार-बार खराबी, कई बार बदले पार्ट
दिनेश कुमार सिंह के अनुसार बाइक को कई बार सर्विस सेंटर ले जाया गया। ब्रेक शू और ब्रेक से जुड़े अन्य पार्ट कई बार बदले गए, लेकिन इसके बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
उनके अनुसार उन्होंने सुलतानपुर, फैजाबाद और प्रतापगढ़ समेत अलग-अलग सर्विस सेंटरों पर बाइक दिखाई और समस्या दूर कराने का प्रयास किया। कई बार सर्विस कराने और पार्ट बदलने के बाद भी ब्रेक की शिकायत बनी रहने का आरोप है।
करीब 25 शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत
दिनेश कुमार सिंह के अनुसार उन्होंने रॉयल एनफील्ड के कस्टमर सपोर्ट/टोल-फ्री नंबर पर करीब 25 बार शिकायत दर्ज कराई। उपलब्ध रिकॉर्ड में 4 जुलाई 2025 की CAS-89802980-B8K1Z6, 16 अगस्त 2025 की CAS-92135193-N5M4L2, 28 अक्टूबर 2025 की CAS-96339469-S5D3Q0, 29 अक्टूबर 2025 की CAS-96427566-Y5K3P2, 20 नवंबर 2025 की CAS-97634537-M5Q7Z3 और 28 नवंबर 2025 की CAS-98057620-X6K0V9 जैसी शिकायतें दर्ज हैं।
दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि ये उपलब्ध प्रमुख शिकायत रिकॉर्ड हैं, जबकि कुल शिकायतों की संख्या करीब 25 है।
ब्रेक लगाते ही आई चिल्लाहट जैसी तेज आवाज, फिर जाम हो गई ब्रेक
दिनेश कुमार सिंह के अनुसार 13 तारीख की शाम करीब 6:30 बजे वह अपनी दुकान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक सड़क पर एक जानवर आ गया। जानवर को बचाने और बाइक रोकने के लिए जैसे ही उन्होंने ब्रेक लगाई, ब्रेक से चिल्लाहट जैसी तेज आवाज निकलने लगी।
उनके अनुसार तेज आवाज के साथ ही ब्रेक जाम हो गई, जिससे बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। बाइक सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। इस घटना में दिनेश कुमार सिंह बाल-बाल बच गए, जबकि बाइक क्षतिग्रस्त हो गई।
दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि ब्रेक लगाते समय अचानक आई चिल्लाहट जैसी तेज आवाज और उसके बाद ब्रेक जाम होने की घटना बेहद डरावनी थी। उनका आरोप है कि यदि पहले से बताई जा रही ब्रेक की समस्या का स्थायी समाधान कर दिया गया होता, तो ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
बार-बार मौका देने के बाद अपनाया कानूनी रास्ता
दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने सीधे कानूनी कार्रवाई करने के बजाय पहले कंपनी और सर्विस सेंटर को समस्या दूर करने के कई अवसर दिए। बार-बार शिकायत, सर्विस और पार्ट बदलने के बावजूद स्थायी राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
दिनेश कुमार सिंह ने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से सुलतानपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामला दाखिल किया।
27 फरवरी 2026 को उपभोक्ता आयोग में दाखिल हुआ मामला
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार मामला 27 फरवरी 2026 को सुलतानपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दाखिल हुआ। मामले में वाहन की ब्रेक समस्या, कंपनी से की गई शिकायतों तथा सर्विस और बदले गए पार्ट से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।
अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से दाखिल इस मामले में दिनेश कुमार सिंह ने उपभोक्ता के तौर पर उचित न्याय और राहत की मांग की है।
दिनेश सिंह की मांग—नई और दोषरहित बुलेट मिले
दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने नई बुलेट सुरक्षित और परेशानी रहित सफर की उम्मीद से खरीदी थी, लेकिन खरीद के बाद से ही ब्रेक की समस्या ने उन्हें लगातार परेशान किया।
उनका कहना है कि नई गाड़ी खरीदने के बाद उपभोक्ता को बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर नहीं लगाने चाहिए। जब करीब 25 शिकायतों और कई बार सर्विस के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई, तो उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा।
दिनेश कुमार सिंह की मांग है कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई हो और यदि वाहन में तकनीकी अथवा निर्माण संबंधी कमी पाई जाती है तो उन्हें उचित राहत के साथ नई एवं दोषरहित बुलेट उपलब्ध कराई जाए।
उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि एक उपभोक्ता के रूप में अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए न्याय प्राप्त करना है। अब दिनेश कुमार सिंह और उनके अधिवक्ता रोहित शर्मा की निगाहें सुलतानपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सुनवाई और फैसले पर टिकी





















