कस्तूरबा गांधी विद्यालय की काउंसलिंग में दिखी अव्यवस्था, अभ्यर्थी बेहाल,अधिकारी बताने को तैयार नहीं अभ्यर्थी कहां जाएं, किससे मिलें?’ को लेकर भटकते रहे

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सुल्तानपुर

विकास भवन सुल्तानपुर में चल रही कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की काउंसलिंग को लेकर मंगलवार को अभ्यर्थियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे अभ्यर्थी प्रक्रिया की जानकारी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। किसी को यह स्पष्ट नहीं बताया जा रहा था कि काउंसलिंग के लिए कहां जाना है, किस अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क करना है और पूरी प्रक्रिया क्या है।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि विकास भवन परिसर में काउंसलिंग की व्यवस्था तो की गई, लेकिन सूचना देने के लिए न तो कोई स्पष्ट हेल्प डेस्क दिखाई दी और न ही जिम्मेदार व्यक्ति अभ्यर्थियों को सही जानकारी देने के लिए तैयार नजर आया। इससे दूर-दराज से पहुंचे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी रही।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि काउंसलिंग जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है? अभ्यर्थियों को जानकारी देने की जिम्मेदारी किस कर्मचारी या अधिकारी की है? यदि किसी अभ्यर्थी को दस्तावेज, क्रम, स्थान अथवा प्रक्रिया को लेकर कोई समस्या हो तो वह आखिर किसके पास जाए?

काउंसलिंग में पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था के दावे के बीच विकास भवन में अभ्यर्थियों को जानकारी के लिए ही भटकना पड़े तो व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है?

जिम्मेदारों से सीधे सवाल

काउंसलिंग की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए हेल्प डेस्क क्यों नहीं?

अभ्यर्थियों को स्पष्ट रूप से किस अधिकारी/कर्मचारी से संपर्क करना है, इसकी सूचना क्यों नहीं?

काउंसलिंग स्थल पर जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी और पहचान सार्वजनिक क्यों नहीं?

दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए सूचना व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?

अव्यवस्था के लिए जिम्मेदारी तय होगी या अभ्यर्थियों को ही भटकने के लिए छोड़ दिया जाएगा?

अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस अव्यवस्था पर संज्ञान लेकर अभ्यर्थियों को स्पष्ट जानकारी और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराता है या फिर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर मामला टाल दिया जाता है।

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