मईपुर गांव में भीषण अग्निकांड: गैस सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप तीन परिवारों की गृहस्थी राख

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हंसवर (अम्बेडकरनगर)

थाना हंसवर क्षेत्र के मईपुर गांव में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जब एक छप्परनुमा मकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही मिनटों में आसपास के मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान घर में रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि तीन परिवारों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घटना में एक भैंस की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य पशु गंभीर रूप से झुलस गए। एक महिला भी आग से झुलस गई, जिसे तत्काल अस्पताल भेजा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मईपुर गांव निवासी अच्छेलाल के छप्पर में अचानक आग लग गई। उस समय परिवार के सभी सदस्य घर के बाहर बैठे हुए थे, जिससे उनकी जान बच गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर में रखा गैस सिलेंडर धमाके के साथ फट गया। विस्फोट की आवाज सुनकर पूरे गांव में हड़कंप मच गया और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।

सिलेंडर फटने के बाद आग तेजी से फैल गई और अच्छेलाल, उनके सगे भाई तथा एक अन्य परिवार के मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि किसी को भी सामान निकालने का मौका नहीं मिल सका। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर, बिस्तर, घरेलू उपकरण और वर्षों की जमा पूंजी देखते ही देखते राख में तब्दील हो गई।

अग्निकांड में अच्छेलाल की दो भैंसें और राजाराम की एक भैंस झुलस गईं, जबकि गंगाराम की एक भैंस की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा एक बाइक, ठेला और दो साइकिलें भी आग की भेंट चढ़ गईं। पशुओं की चीख-पुकार और लोगों की बेबसी ने मौके का दृश्य बेहद मार्मिक बना दिया।

घटना के दौरान गीता पत्नी गंगाराम आग की चपेट में आकर झुलस गईं। सूचना मिलते ही दो एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे गांव के लोग एकजुट होकर आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने बाल्टियों, पाइपों और हैंडपंप के पानी से आग पर काबू पाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन तेज हवा और आग की भयावहता के कारण उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

सूचना पर हंसवर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि यदि दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं तो नुकसान काफी कम हो सकता था। काफी मशक्कत के बाद अग्निशमन कर्मियों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. शशिशेखर भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान की जा सके।

थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन संपत्ति और पशुधन का भारी नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

इस भीषण अग्निकांड के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने, खाने और दैनिक जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी कुछ ही मिनटों में राख में बदल गई। गांव में मातम और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता, पशु क्षति का मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

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